खेलकूद

कांस्य जीत सिंधु ने रचा इतिहास, भारत की झोली में डाला तीसरा पदक

कांस्य जीत सिंधु ने रचा इतिहास, भारत की झोली में डाला तीसरा पदक
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टोक्यो ओलंपिक खेलों में भारतीय शटलर पीवी सिंधु ने इतिहास रच दिया है। सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेले गए मुकाबले में चीन की ही बिंग जियाओ को सीधे सेट में 21-13, 21-15 से मात दी। इस जीत के साथ ही सिंधु भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने लगातार दो ओलंपिक खेलों में देश के लिए पदक जीता है।

सिंधु के अलावा टोक्यो में अब तक वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने ही पदक पर मुहर लगाई है। मीराबाई ने महिलाओं की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा के 49 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था। इसके लिए उन्होंने 202 किलो का कुल भार उठाया, जबकि लवलीना ने महिलाओं की 69 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे की निएन चिन चेन को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया और इस ओलंपिक में देश के लिए दूसरा पदक पक्का किया था।

सिंधु का टोक्यो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल तक का सफर

पहला मैच (ग्रुप स्टेज): पोलिकारपोवा सेनिया (इजराइल) के खिलाफ 2-0 से जीत

दूसरा मैच (ग्रुप स्टेज): चेयूंग नगन यि (हॉन्गकॉन्ग) के खिलाफ 2-0 से जीत

तीसरा मैच (राउंड-16): मिया ब्लिचफील्ड (डेनमार्क) के खिलाफ 2-0 से जीत

चोथा मैच (क्वॉर्टर फाइनल): अकाने यामागुजी (जापान) के खिलाफ 2-0 से जीत

5वां मैच (सेमीफाइनल): ताई जू यिंग (चीनी ताइपे) से 0-2 से हारीं

छठा मैच (ब्रॉन्ज मेडल): बिंग जियाओ (चीन) के खिलाफ 2-0 से जीत


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