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पंजाब में आतंकी हमले पर BSF ने खोली सरकार के झूठ की पोल

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[caption id="attachment_29928" align="alignnone" width="728"]फ़ाइल फोटो फ़ाइल फोटो[/caption]
जालंधरः बीएसएफ के आईजी ने गुरदासपुर के दीनानगर में हुए आतंकवादी हमले के संबंध में पंजाब पुलिस के दावों की पोल खोल दी। दरअसल बीएसएफ के आईजी अनिल पालीवाल ने सोमवार को कहा कि आतंकवादियों ने पंजाब में घुसने के लिए यहां से सटी सीमा का इस्तेमाल नहीं किया था।


वे किस रूट से दीनानगर पहुंचे, यह जांच का विषय है।


आईजी अनिल पालीवाल सोमवार को जालंधर में सीमा सुरक्षा बल की 50वीं जयंती की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। अभी तक पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक सुमेध सिंह सैनी और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल यही कहते आ रहे हैं कि आतंकवादी पठानकोट से सटी पाक की सीमा का इस्तेमाल कर दीनानगर तक पहुंचे थे, इसका सबूत बरामद जीपीएस है।



वहीं पालीवाल ने अधिकारिक रूप से सोमवार को बयान देकर उनके दावों की हवा निकाल दी है।पंजाब बार्डर के आईजी अनिल पालीवाल ने कहा कि बीएसएफ की अपनी जांच में कोई ऐसा संकेत या सबूत नहीं मिला, जिससे पता चले कि आतंकवादियों ने पठानकोट से सटी पाकिस्तान सीमा को क्रास किया था।



उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों का क्या कहना है इसके बारे में वे कुछ नहीं कह सकते लेकिन उनकी टीम की जांच में सब कुछ साफ है। पालीवाल ने कहा कि दीनानगर अटैक के बारे में उनकी समय-समय पर पंजाब पुलिस के अधिकारियों से लंबी बैठक हुई है।वहीं अभी तक ऐसे सबूत सामने नहीं आए हैं जिससे आतंकवादियों की भारत में घुसपैठ के रास्ते की तस्वीर साफ हो जाए।



पालीवाल ने कहा कि हेरोइन तस्करी को लेकर सीमा सुरक्षा बल काफी संजीदा है। इस साल के 11 माह में 317 किलो हेरोइन सीमा पर पकड़ी गई है।बीएसएफ के कुछ जवानों की संलिप्ता की बात सामने आने पर जवानों पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे पुख्ता कदम उठाए जा रहे हैं कि जवानों का तस्करों से कोई टाईअप न हो सके। सीमा के आसपास सटे गांवों के रहने वाले जवानों की तैनाती उसी इलाकों में नहीं की जा रही है।बीएसएफ की महिला कांस्टेबल सीमा पर पूरी मुस्तैद हैं। कई बार तस्करों और घुसपैठियों के साथ मुठभेड़ में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। पत्रकार बार्ता में आईजी अनिल पालीवाल के साथ डीआईजी आरएस कटारिया भी मौजूद थे।
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