एक गैर गांधी, गैर हिंदी, सुपर पावरफुल,चाणक्य किस्म के पार्टी प्रेसिडेंट की कल्पना, हमारी पीढ़ी अमित शाह में करती है। कामराज का कैनवस उनसे बेहद बेहद बड़ा था।