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योगी राज में साधु -संत असुरक्षित: पिछले कुछ वर्षों में 2 दर्जन से अधिक संतों की हत्या हो चुकी है जानिए क्यों?

योगी राज में साधु -संत असुरक्षित: पिछले कुछ वर्षों में 2 दर्जन से अधिक संतों की हत्या हो चुकी है जानिए क्यों?
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के० एम० यादव संयोजक मानव अधिकार प्रकोष्ठ सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने कहा कि योगी राज में उत्तर प्रदेश के अंदर दिन-प्रतिदिन हत्या और बलात्कार के मामले बढ़ते जा रहे हैं| जाति-धर्म को लेकर राज्य में नफरत फैलती जा रही है जबकि सरकार दावा कर रही है कि उत्तर प्रदेश विकास की ओर बढ़ रहा है, प्रदेश में रामराज्य आ रहा है, हर तरफ प्यार और शांति बढ़ रही है| पर यह कैसा रामराज्य और कैसा विकास है जहां आश्रम-मठ के साधु-संत ही सुरक्षित नहीं हैं| गंगा में लाशें तैर रही हैं शमशान घाटों में जलती लाशों को छिपाने के लिए बैरिकेडिंग लगानी पड़ रही है|

आँकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में 2 दर्जन से अधिक संतों की हत्या हो चुकी है जिनका मुख्य कारण मंदिर की बेनामी संपत्ति पर वर्चस्व की लड़ाई रही हैं| बांधबरी मठ के महंत नरेंद्र गिरी की मृत्यु का मामला भी इसी वर्चस्व की जंग का एक हिस्सा है जो यह साफ जाहिर करता है कि रामराज्य की आड़ में मंदिरों के अंदर क्या चल रहा है| पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह की घटनाएं हुई हैं उनसे साफ जाहिर है कि ऊतर प्रदेश में धार्मिक कर्म-कांड के अखाड़े, आपसी जंग के ऐसे अखाड़ों में तबदील हो गए हैं जहां के पुजारी बलात्कार और हत्या जैसे घिनौने कृत्यों में लिप्त हैं| मठ-मंदिरों को आलीशान होटलों में तब्दील किया जा रहा है, मठों की जमीन पर व्यापारिक प्रतिष्ठान स्थापित किए जा रहे हैं, मंदिरों की संपतियों से प्रापर्टी डीलिंग का धंधा चल रहा है|

साधुओं के भेष में मोटर बाईक पर स्टंट करने वाले जाँबाज तैयार हो रहे है और यही जाँबाज आंगे चलकर सारे अपराधों की जड़ बनते हैं| क्या यही रामराज्य है? क्या योगी जी इसे ही रामराज्य की संज्ञा देते हैं इसे ही विकास की गंगा कहते हैं यदि ऐसा है तो माफ करिए योगी जी हमें आपका ऐसा रामराज्य नही चाहिए| जो आम जनमानस की भावना से खिलवाड़ करता हो ? जो गुरु-शिष्य की परंपरा को अपराध में तबदील करता हो, धर्म के नाम पर लोगों की भावनाओं के गलत उपयोग की इजाजत देता हो|

जिसके कारण मठ-मंदिरों में अपराध बढ़ रहे हैं गुरु-शिष्य एक दूसरे के कट्टर विरोधी हो रहे हैं और संपत्ति के लालच में एक दूसरे की हत्या करने से भी नहीं डर रहे हैं| जिसका आम जनमानस पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है और अगर यही स्थिति रही तो आने वाले समय में मठ-मंदिर अपराध के ऐसे केंद्र बन जाएंगे जिनको रोक पाना बहुत मुश्किल होगा और भारत की सनातन संस्कृति पर से लोगों का विश्वास उठ जाएगा |

यह बात सोशलिस्ट पार्टी ने उठाई है.

इसलिए सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) महंत नरेंद्र गिरी की मृत्यु की न्यायिक जांच के साथ, प्रदेश में स्थित सभी मठों, आश्रमों एवं मंदिरों की संपत्ति एवं उनकी कार्यप्रणाली की भी न्यायिक जांच की मांग करती है|

Shiv Kumar Mishra
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