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UP Election 2022: कौन हैं हैदर अली जो कांग्रेस का टिकट छोड़कर बीजेपी गठबंधन से ताल ठोकेंगे

Special Coverage Desk Editor
24 Jan 2022 11:19 AM IST
UP Election 2022: कौन हैं हैदर अली जो कांग्रेस का टिकट छोड़कर बीजेपी गठबंधन से ताल ठोकेंगे
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बीजेपी गठबंधन ने इस चुनाव के लिए अपना पहला मुस्लिम कैंडिडेट घोषित कर दिया है. अपना दल (एस) पार्टी की ओर से पहले टिकट के तौर पर एक मुस्लिम उम्मीदवार (Muslim Candidate) का ऐलान किया है.

लखनऊः यूपी विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, सूबे का सियासी पारा चढ़ता जा रहा है. पहले चरण के मतदान में अब कुछ ही वक्त बचा है. बीजेपी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही अपना दल (सोनेलाल) (Apna Dal S) ने भी अपने प्रत्याशियों की सूची जारी करनी शुरू कर दी है. बीजेपी गठबंधन ने इस चुनाव के लिए अपना पहला मुस्लिम कैंडिडेट घोषित कर दिया है. अपना दल (एस) पार्टी की ओर से पहले टिकट के तौर पर एक मुस्लिम उम्मीदवार (Muslim Candidate) का ऐलान किया है. बता दें कि 2017 में बीजेपी गठबंधन से एक भी मुसलमान जीतकर विधानसभा नहीं पहुंचा था.

कौन हैं हैदर अली खान?

अपना दल (एस) ने यूपी के रामपुर जिले की स्वार (Suar) सीट से हैदर अली खान को चुनाव मैदान में उतारा है. माना जा रहा है कि इसी सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम चुनाव मैदान में उतरेंगे. हैदर अली खान रामपुर के शाही खानदान से ताल्लुक रखते हैं और उनके दादा जुल्फिकार अली खान रामपुर से पांच बार कांग्रेस पार्टी के सांसद रहे हैं. हैदर के पिता नवाब काजिम अली खान चार बार विधायक रहे हैं.

कांग्रेस ने बाप-बेटे को दी थी टिकट

हैदर अली खान पहले कांग्रेसी हुआ करते थे. उनके पिता काजिम अली खान मौजूदा समय में भी कांग्रेस के साथ हैं. कांग्रेस पार्टी ने काजिम अली को रामपुर सीट से टिकट दी है और हैदर अली को स्वार सीट से मैदान में उतारा था. हालांकि टिकट मिलने के बाद भी हैदर ने कांग्रेस को झटका दे कर अपना दल (एस) ज्वाइन कर लिया. जिसके बाद अपना दल ने उन्हें स्वार से टिकट दे दी है.

अनुप्रिया पटेल से की थी मुलाकात

हैदर की हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल से मुलाकात हुई थी. इसके बाद उन्हें आधिकारिक तौर पर स्वार सीट से ही अपना दल का प्रत्याशी घोषित किया गया है. इसी सीट से आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान भी चुनाव लड़ सकते हैं. 2017 में इसी सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर अब्दुल्ला आजम ने चुनाव लड़ा था और जीता था.

अब्दुल्ला के खिलाफ की थी शिकायत

काजिम अली ने 2017 के चुनाव में हार के बाद अब्दुल्ला आजम के खिलाफ चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी. इस मामले में कोर्ट में सुनवाई के बाद अब्दुल्ला को अपनी विधानसभा सदस्यता से हाथ धोना पड़ा था. इसके बाद फरवरी 2020 में अब्दुल्ला आजम, उसके पिता आजम खान और मां तजीन फातिमा को कई आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोप में जेल भेज दिया गया. काजिम और आजम खान के बीच राजनीतिक मैदान में बर्चस्व की लड़ाई को अब उनके बेटे हैदर अली आगे बढ़ाने वाले हैं.

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