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नवनीत राणा की और बढ़ी मुश्किल, '15 दिनों में अवैध निर्माण गिराए, नहीं तो चलेगा हमारा हथौड़ा',

राणा दंपत्ति को दिए 7 दिनों के कारण बताओ नोटिस की मियाद खत्म होने के बाद फिर से एक बार मुंबई महानगरपालिका ने नोटिस जारी कर राणा परिवार को 15 दिन की मौहलत देते हुए उनके घर में किए गए अवैध निर्माण को गिराने के लिए कहा है। चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अगर यह अवैध निर्माण खुद से राणा दंपति नहीं गिराती है तो बीएमसी खुद अपना हथौड़ा चलाएगी।

नवनीत राणा की और बढ़ी मुश्किल, 15 दिनों में अवैध निर्माण गिराए, नहीं तो चलेगा हमारा हथौड़ा,
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राणा दंपत्ति को दिए 7 दिनों के कारण बताओ नोटिस की मियाद खत्म होने के बाद फिर से एक बार मुंबई महानगरपालिका ने नोटिस जारी कर राणा परिवार को 15 दिन की मौहलत देते हुए उनके घर में किए गए अवैध निर्माण को गिराने के लिए कहा है। चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अगर यह अवैध निर्माण खुद से राणा दंपति नहीं गिराती है तो बीएमसी खुद अपना हथौड़ा चलाएगी।

मातोश्री के बाहर आकर हनुमान चालिसा पढ़ने की चेतावनी देने वाली सांसद नवनीत और उनके पति रवी राणा ने सीधे सीधे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत शिवसेना को चुनौती दी। पूरे 2 दिन मुंबई का माहौल गर्म रहा। राणा दंपति पर मामला भी दर्ज हुआ। जिसके बाद बीएमसी ने राणा दंपति को उनके घर में हुए अवैध निर्माण की जांच के लिए नोटिस भेजा। बीएमसी की टीम ने खार स्थित राणा के फ्लैट पर जाकर जांच भी की और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।

राणा दंपति को बीएमसी द्वारा मिली कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया गया। राणा ने 7 दिन के भीतर इस नोटिस का जवाब भी दिया लेकिन बीएमसी को राणा दंपति के द्वारा दी गयी दलीलें रास नहीं आई और बीएमसी ने राणा को अगले 15 दिन में अवैध निर्माण गिरने का नोटिस थमा दिया। राणा दंपत्ति अगर अपने फ्लैट में किए गए अवैध निर्माण को नहीं गिराती तो बीएमसी गिराएगी और इस कार्रवाई में जो खर्च होगा वो परिवार से ही वसूला जाएगा।

BMC ने दोबारा किया घर का मुआयना

बता दें की राणा दंपती का मुंबई के खार इलाके में एक फ्लैट है। बीएमसी का कहना है कि इसमें अवैध निर्माण करवाया गया है। इसे लेकर बीती 4 मई को बीएमसी के अधिकारियों ने फ्लैट का मुआयना भी किया था। इसके बाद बीएमसी ने राणा दंपती को बकायदा नोटिस भी जारी किया था। हालांकि उस समय नवनीत राणा के घर में कोई मौजूद नहीं था। बीएमसी के अधिकारियों ने इसके बाद दोबारा उनके घर की जांच पड़ताल की।

हनुमान चालीस विवाद में मिली सशर्त जमानत

गौरतलब है कि हनुमान चालीसा विवाद (Hanuman Chalisa Controversy) में मुंबई सत्र न्यायालय (Mumbai Sessions Court) ने राणा दंपती को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी थी। इसमें मुख्य शर्त यह थी कि वह मीडिया से बात नहीं करेंगी। जेल से छूटने के बाद नवनीत राणा ने सीने, गले में दर्द और स्पॉन्डिलाइटिस की शिकायत की थी जिसके चलते उन्‍हें सीधे मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बता दें कि नवनीत राणा चार दिनों तक अस्‍पताल में भर्ती रहीं थी।

Special Coverage Desk Editor
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