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जानें भगवान शिव के इस मंत्र का प्रभाव और महत्व

जानें भगवान शिव के इस मंत्र का प्रभाव और महत्व
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तनाव और चिंता को दूर भगाने के लिए हर व्यक्ति योग और अध्यात्म का सहारा लोता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि, हिंदू धर्म में मंत्रों के जाप से भी तनाव और चिंता को दूर किया जा सकता है? सोमवार के दिन भगवान शिव का यह मंत्र जाप "ॐ नमः शिवाय" आपको मानसिक शांति दे सकता है। माना जाता है कि यह मंत्र आत्मा की शुद्धि और तनाव दूर करता है, साथ ही जीवन में सकारात्मकता प्रदान करता है। आइए जानते हैं "ॐ नमः शिवाय" के शक्तिशाली प्रभाव और इसके महत्व के बारे में...

जानें ॐ का अर्थ

"ॐ नमः शिवाय" पंचाक्षर हैं और ये पंच तत्वों का प्रतीक माने जाते हैं। "ॐ नमः शिवाय" के इन पांच तत्वों के स्वामी, भगवान शिव हैं। पौराणिक धर्म ग्रंथों में "ॐ" को ब्रह्माण्ड की ध्वनि माना गया है। "ॐ" का अर्थ शांति और प्रेम है। पंचतत्वों के सामंजस्य के लिए "ॐ नमः शिवाय" का जाप किया जाता है।

इस मंत्र को लेकर कई मान्यताएं हैं :-

ऐसा माना जाता है कि इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को अपने पंचतत्वों को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है। इस मंत्र का जाप करने से शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक शांति मिलती है। इससे शरीर में नई चेतना और ऊर्जा का विकास होता है और मन मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करने से हर तरह की बाधाएं दूर होती हैं।

भोलेनाथ के इस मंत्र का जाप करने से काम, क्रोध, घृणा, मोह, लोभ, भय, विषाद आदि सब दुष्प्रभाव दूर हो जाते हैं ।

इसके जाप से व्यक्ति में साहस और उत्साह पैदा होता है। साथ ही, निरंतर जाप से मृत्यु के भय को भी जीता जा सकता है।

इस मंत्र के जाप से व्यक्ति जीवन चक्र का रहस्य समझ पाता है। साथ ही, मोक्ष प्राप्ति के लिए भी इसका जाप किया जा सकता है। मान्यताओं के अनुसार केवल "ॐ" में ही त्रिदेवों का वास माना जाता है।

Shiv Kumar Mishra
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