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22 साल की उम्र में रामलखन ने किया मर्डर, बुढ़ापे में हुआ गिरफ्तार, 32 साल से पुलिस कर रही थी आरोपित की तलाश

22 साल की उम्र में रामलखन ने किया मर्डर, बुढ़ापे में हुआ गिरफ्तार, 32 साल से पुलिस कर रही थी आरोपित की तलाश
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पुलिस के अनुसार जब रामलखन को पकड़ा गया तो पहचान में पसीने छूट गए। दाढ़ी बढ़ी हुई है। बाल सफेद हो गए थे। अमर सिंह का पुरा से कई लोगों को पहचान के लिए बुलाया गया। लोगों ने देखा तो कहने लगे ठीक से याद नहीं। जब देखा तो वह जवान था। लेकिन ये मामला है 1978 का जब 22 साल की उम्र में आगरा के पिनाहट के अमर सिंह का पुरा निवासी रामलखन ने पड़ोसी के शरीर पर चाकू से 12 घाव किए थे। । महीनों इलाज चला। पीड़ित बच गया। मुकदमा दर्ज हुआ था। रामलखन को उस समय जेल भेजा गया था।

65 साल की उम्र में रामलखन को बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 32 साल से पिनाहट पुलिस को आरेापित की तलाश थी। रामलखन ने गांव वाला अपना मकान भी बेच दिया था। परिवार को दिल्ली में शिफ्ट कर दिया। पिनाहट से पूरी तरह नाता तोड़ लिया। पुलिस ने मुखबिर लगाए। जानकारी हुई कि रामलखन साधू बन गया है। पिनाहट भी आता है। नए रूप में उसे कोई पहचान नहीं पाता है। पुलिस ने उसे दबोच लिया।

परिजनों को पकड़कर लाने की बात पर आरोपित ने खुद कबूल किया कि उसने अपना वेश बदला है। वह रामलखन ही है, दिल्ली के प्रहलाद पुर में उसने तीस गज का मकान खरीदा, वहां दो विधवा महिलाओं के साथ रहता था। पुलिस और लोगों की नजर से बचने को उसने दाढ़ी बढ़ा ली और साधु का वेश बना लिया। अब उसकी उम्र करीब 65 वर्ष है।

कोर्ट ने आरोपित को दस वर्ष की सजा सुनाई थी। आरोपित जमानत पर जेल से बाहर आया। हाईकोर्ट में सजा कम के लिए अपील की। वर्ष 1989 में कोर्ट ने उसकी सजा चार साल छह माह कर दी। इसके बाद से आरोपित फरार चल रहा था। कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए। पुलिस ने गिरफ्तारी के प्रयास किए, लेकिन वह हाथ नहीं आया। रामलखन गांव से अपना मकान बेचकर चला गया था। कोर्ट ने कुर्की के आदेश दिए, लेकिन उसका ठिकाना पुलिस को नहीं मिल रहा था। बुधवार को वह गांव में किसी काम से आया था।





सुजीत गुप्ता
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