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पत्नी का प्राइवेट पार्ट एक पुरुष (बच्चे) की तरह है, न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा पीड़ित

लड़की बताकर पुरुष से करा दी गई मेरी शादी

पत्नी का प्राइवेट पार्ट एक पुरुष (बच्चे) की तरह है, न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा पीड़ित
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. एक शख्स ने याचिका दाखिल कर दावा किया है कि उसकी शादी महिला बताकर एक पुरुष से करा दी गई है क्योंकि पत्नी के प्राइवेट पार्ट पुरुषों की तरह है. पीड़ित ने इसे धोखाधड़ी करार दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ग्वालियर के एक व्यक्ति द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया, जिसने अपनी पत्नी और ससुर पर "धोखा देने" का आरोप लगाया है, क्योंकि उसने पाया कि उसकी पत्नी के जननांग पुरुष संरचना जैसे हैं.

सुप्रीम कोर्ट शुरू में इस मामले को सुनने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट पर ध्यान देने के बाद पत्नी को नोटिस जारी किया है. मेडिकल रिपोर्ट से पता चला है कि पत्नी आनुवंशिक रूप से महिला है, और उसे अंडाशय भी हैं, लेकिन उसके पास "बाहरी पुरुष जननांग" भी है.

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के मुताबिक, दोनों की शादी साल 2016 में हुई थी लेकिन पत्नी ने कुछ दिनों तक शादी को मानने से इनकार कर दिया. जब जोड़े ने शादी को पूरा करने की कोशिश की, तो पति ने पाया कि उसकी पत्नी के जननांग "पुरुष" जैसे थे.

इसके बाद शख्स अपनी पत्नी को मेडिकल चेकअप के लिए ले गया, जिसमें पाया गया कि उसे जन्मजात एक समस्या है जिसे हाइपरप्लासिया कहा जाता है. इस वजह से उसका प्राइवेट पार्ट एक पुरुष (बच्चे) की तरह है. उसे इस समस्या को खत्म करने के लिए सर्जरी की भी सलाह दी गई थी.

निचली अदालत में गवाह के तौर पर डॉक्टर ने यह भी कहा कि उसके पास "महिला अंग" हैं, लेकिन बाहरी स्थिति पुरुषों जैसी होने की वजह से यह संभावना है कि वह कभी मां नहीं बन पाएगी.

फिर उस व्यक्ति ने अपनी पत्नी को उसके माता-पिता के पास वापस भेज दिया, और दावा किया कि उसे "धोखा" दिया गया है. दोनों परिवारों के बीच कई बार कहासुनी हुई, पत्नी के परिवार ने पति के खिलाफ क्रूरता के लिए प्राथमिकी दर्ज कराई फिर उस व्यक्ति ने आईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा दिया.

शुक्रवार को न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ के समक्ष संक्षिप्त सुनवाई के दौरान पति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एनके मोदी ने तर्क दिया कि "धोखाधड़ी" के अपराध का स्पष्ट मामला बनता है.

वकील ने कोर्ट में कहा कि 'वह (पत्नी) एक पुरुष है और यह निश्चित रूप से धोखा है. कृपया, मेडिकल रिकॉर्ड देखें, यह किसी जन्मजात विकार का मामला नहीं है. यह एक ऐसा मामला है जहां मेरे मुवक्किल को एक पुरुष से शादी करके धोखा दिया गया है.' कोर्ट ने फिलहाल पत्नी और ससुर को नोटिस जारी किया है. अब इस मामले की सुनवाई अप्रैल में होगी.

News Desk Editor
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