Top
Begin typing your search...

पत्रकार डॉ राकेश पाठक को अवैध हिरासत में रखने पर NHRC का गुजरात पुलिस को नोटिस

चार हफ़्ते में कार्यवाही रिपोर्ट तलब की।

पत्रकार डॉ राकेश पाठक को अवैध हिरासत में रखने पर NHRC का गुजरात पुलिस को नोटिस
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

अहमदाबाद। मप्र के वरिष्ठ पत्रकार और गांधीवादी कार्यकर्ता डॉ राकेश पाठक को गुजरात पुलिस द्वारा अवैध रूप से हिरासत में रखे जाने के मामले पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने गुजरात के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है।

पत्रकार डॉ राकेश पाठक की ओर से मानव अधिकार संस्था 'ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स एलर्ट-इंडिया' ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) में लिखित शिक़ायत भेजी थी। आयोग ने इस पर संज्ञान लिया और Diary No. 17202/IN/2021 पर Case No.1308/6/1/2021 दर्ज़ कर लिया है।

आयोग ने गत दिवस गुजरात के डीजीपी को नोटिस जारी किया है।

नोटिस में कहा गया है कि डॉ राकेश पाठक को अवैध रूप से दो बार हिरासत में रखने के मामले की जांच एडिशनल एसपी या उससे ऊपर के पद के अधिकारी से करवाई जाए।

आयोग ने नोटिस में कहा है कि इस जांच पर की गई यथोचित कार्यवाही की रिपोर्ट चार हफ़्ते के भीतर उसके समक्ष प्रस्तुत की जाए।

● यह है मामला...

उल्लेखनीय है कि गत दो अक्टूबर को गांधी जयंती पर पत्रकार डॉ राकेश पाठक अहमदाबाद पहुंचे थे। उन्हें सत्याग्रह आश्रम में प्रार्थना सभा में शामिल होना था और अकेले उपवास करना था।

अहमदाबाद की पुलिस ने बिना किसी कारण के उन्हें तड़के साढ़े छह बजे होटल के कमरे से हिरासत में ले लिया। छह घंटे से ज्यादा हिरासत में रखने के बाद छोड़ा।

दोपहर बाद जब डॉ पाठक साबरमती आश्रम पहुंचे तो पुलिस ने आश्रम के भीतर से उन्हें दुबारा हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने दोनों बार हिरासत में लेने का कोई कारण नहीं बताया।

डॉ पाठक अंततः दूसरी बार छूटने के बाद ही साबरमती आश्रम जा सके।

गांधीवादी कार्यकर्ता के रूप में डॉ पाठक महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम के मूल स्वरूप में बदलाव की सरकारी योजना के विरोध में मुखर आवाज़ों में शामिल हैं। उन्होंने आश्रम का स्वरूप यथावत रखने के लिये प्रधानमंत्री को एक ख़ुला पत्र भी लिखा था।

Shiv Kumar Mishra
Next Story
Share it