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12 अगस्त सन् 2015 का वो दिन, जब चीन के 35 हजार लोग बेघर हुए थे ...

चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार उत्तरी शहर में धमाके से 50 लोग मारे गए थे और क़रीब 400 से अधिक घायल हुए थे।

12 अगस्त सन् 2015 का वो दिन, जब चीन के 35 हजार लोग बेघर हुए थे ...
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12 अगस्त 2015 : तियांजिन शहर

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21 वी शताब्दी वैश्वीकरण की सदी मानी जाती है, चीन ,अमेरिका, भारत, जापान और यूरोप ऐसी शक्तियां हैं जो सतत हैं। चीन टेक्नोलॉजी के मामले में सर्वप्रथम माना जाता है, लेकिन क्या हुआ उस दिन जब चीन भी दहल उठा ? यह वाक्या है उस दिन का जब चीन, विकासवाद को अपना सिद्धांत मान बैठा था, हालांकि चीन अब भी इसी सिद्धांत पर चलता है जबकि 2 वर्ष पहले आए कोविड-19 ने चीन का यह घमंड चूर चूर कर दिया था।

आज से ठीक 6 साल पहले चीन का तियांजिन शहर चीनी धमाकों से दहल उठा था। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार उत्तरी शहर में धमाके से 50 लोग मारे गए थे और क़रीब 400 से अधिक घायल हुए थे।

धमाके से प्रभावित क़रीब 35 हज़ार लोग अस्थायी आश्रयों में रहने लगे थे। चीन की सरकारी न्यूज़ एजेंसी शिनुआ के अनुसार दुर्घटना के 24 घंटों बाद भी बचाव दल घायलों को बचाने और साथ ही आग को क़ाबू कर पाने के मुश्किल काम में लगे रहे।

यह धमाका रुईहे लॉजिस्टिक्स नामक कंपनी के गोदाम में हुआ था। बताया जाता है कि इस गोदाम में सोडियम साईनाइड और टोलुइन डायसोसाएनेट जैसे ख़तरनाक रसायन रखे हुए थे।

वहीं 'पीपल्स डेली' अख़बार के अनुसार बचाव दल गोदाम में मौजूद क़रीब 700 टन सोडियम साईनाइड हटाने में जुटा हुआ था, हालांकि इलाके में हाइड्रोजन परआॅक्साइड डालने की तैयारी हो रही थी जिससे इस ख़तरनाक रसायन के असर को कम किया जा सके।

उस समय चीन के प्रधानमंत्री ली किचियांग ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा जताया था। शिनुआ न्यूज़ एजेंसी को दिए बयान में कंपनी ने कहा था, कि धमाके के बाद उसके कई कर्मचारी लापता हैं, और इस हादसे में 17 दमकलकर्मिों की भी मौत हो गई है।

दोनों ही धमाके इतने ज़बरदस्त थे कि वो आकाश में भी बहुत उपर से दिख सकते थे, धमाके इतने तीव्र थे कि पास के कई किलोमीटर दूर तक के मकानों के शीशे चकनाचूर हो गए थे। वहीं बंदरगाह का भी काफी हिस्सा तबाह हो गया और सैकड़ों कारें मलबे में तब्दील हो गईं थी।

तियांजिन के पर्यावरण संरक्षण ब्यूरो के प्रमुख वेने वुरुई के अनुसार इलाके के प्रदूषण स्तर पर नज़र रखी जा रही थी,

उन्होंने कहा था, ''अगर आप इस माहौल में ज़्यादा देर तक रहते हैं तो यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है.''

वहीं एक नज़दीकी फैक्टरी में काम करने वाले सुरक्षा गार्ड ने बताया कि उन्होंने आग देखी थी। गार्ड ने बताया, ''मैंने अचानक से धमाका सुना और मैं तुरंत नीचे लेट गया लेकिन उसके बावजूद मैं घायल हो गया''

उन्होंने बताया, ''मैं जिस बूथ में था वो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, इसके बाद मैंने दौड़ना शुरू कर दिया और दूसरा धमाका सुना। इसके बाद मेरे पूरे शरीर पर खून के छींटे थीं''

- ( यह रिपोर्ट बीबीसी और चीनी मीडिया की रिपोर्ट पर आधारित )

प्रत्यक्ष मिश्रा
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