Top
Begin typing your search...

एमपी गजब है…डिप्टी कलेक्टर के घर घुसे चोर, जब पैसे न मिले तो लिखी ये चिट्ठी

घर में चोरों को चुराने लायक कुछ भी नहीं मिला तो बदमाश चोर डिप्टी कलेक्टर के नाम एक चिट्ठी लिखकर छोड़ गए

एमपी गजब है…डिप्टी कलेक्टर के घर घुसे चोर, जब पैसे न मिले तो लिखी ये चिट्ठी
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

एमपी गजब है…मध्य प्रदेश में बीती रात कुछ चोरों ने सिविल लाइंस स्थित डिप्टी कलेक्टर के घर को अपना निशाना बनाया, लेकिन घर में चोरों को चुराने लायक कुछ भी नहीं मिला तो बदमाश चोर डिप्टी कलेक्टर के नाम एक चिट्ठी लिखकर छोड़ गए और उसमें लिखा, 'जब पैसे नहीं थे तो लॉक नहीं करना था कलेक्टर.'

दरअसल, यह चोर डिप्टी कलेक्टर त्रिलोचन गौड़ के देवास की सिविल लाइंस स्थित शासकीय घर पर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे. त्रिलोचन गौड़ वर्तमान में देवास जिले के खातेगांव एसडीएम हैं और करीब 15 दिन से अपने देवास स्थित घर नहीं आए थे. पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है.

सूने घर का फायदा उठाते हुए चोर डिप्टी कलेक्टर के घर में घुस गए और पूरा सामान बिखेर दिया।

सारा सामान बिखरने और तलाशी लेने के बाद चोरों के हाथ सिर्फ 30,000 रुपये लगे। इससे निराश चोरों ने डिप्टी कलेक्टर के नाम पत्र लिख दिया। चोरों ने पत्र में लिखा कि जब पैसे नहीं थे तो (घर) लॉक नहीं करना था कलेक्टर।

त्रिलोचन गौड़ फिलहाल देवास के खेतेगांव तहसील में बतौर SDM तैनात हैं।

जानकारी कैसे चला चोरी का पता?

15-20 दिन बाद जब गौड़ घर लौटे तो उन्होंने सामान बिखरा हुआ पाया और उनके घर से कुछ नकदी और चांदी के आभूषण गायब थे। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी।

इस घटना को पुलिस के लिए भी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि सिविल लाइंस में कई बड़े अधिकारियों और नेताओं के घर हैं और इसे शहर का सबसे सुरक्षित इलाका माना जाता है।

गौड़ के घर से SP आवास मात्र 100 मीटर दूर है।

पुलिस इंस्पेक्टर उमराव सिंह ने कहा कि त्रिलोचन गौड़ के सरकारी आवास से 30,000 रुपये और आभूषणों की चोरी हुई है। चोरी का सही समय अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

डिप्टी कलेक्टर के घर में चोरी की जानकारी मिलने पर पुलिस के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे और आसपास का मुआयना किया। चोरों का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज का भी सहारा लिया जा रहा है।

Arun Mishra

About author
Sub-Editor of Special Coverage News
Next Story
Share it