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भारत में बन रहा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल

जम्‍मू-कश्‍मीर में बन रहा यह नायब रेलवे ब्रिज रिक्‍टर स्‍केल पर 8 तीव्रता वाले भूकंप और विस्‍फोट का भी सामना कर सकेगा. इंद्रधनुष के आकार का यह ब्रिज रेलवे के उस महत्‍वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट का हिस्‍सा है, जो कश्‍मीर को शेष भारत से जोड़ेगा. इस प्रोजेक्ट को कोंकण रेलवे द्वारा विकसित किया जा रहा है.

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जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu and Kashmir) में दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज (World's Highest Railway Bridge) बनकर लगभग तैयार है. रेलमंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने इस संबंध में ट्वीट करके जानकारी दी है. उन्होंने ब्रिज को इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर के लिहाज से नायाब नमूना बताते हुए उसका फोटो भी शेयर किया है. चिनाब नदी (Chenab River) पर बन रहा यह पुल 476 मीटर लंबा है. इंद्रधनुष के आकार का यह ब्रिज रेलवे के उस महत्‍वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट का हिस्‍सा है, जो कश्‍मीर को शेष भारत से जोड़ेगा.

रेलमंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने अपने ट्वीट (Tweet) में लिखा है, 'इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर मार्बल इन मेकिंग. भारतीय रेलवे एक और इंजीनियरिंग मील का पत्‍थर हासिल करने की राह पर है. यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज होगा'. 1250 करोड़ रुपये की लागत वाला यह ब्रिज चिनाब नदी के तल से 359 मीटर ऊपर और पेरिस के मशहूर एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा होगा.

Earthquake का भी नहीं होगा असर

यह नायब ब्रिज रिक्‍टर स्‍केल पर 8 तीव्रता वाले भूकंप और अति तीव्रता के विस्‍फोट का भी सामना कर सकेगा. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इसमें संभावित आतंकी खतरों और भूकंप को लेकर सुरक्षा प्रणाली भी होगी. ब्रिज की कुल लंबाई 1315 मीटर होगी. इस ब्रिज के लिए काम नवंबर 2017 में प्रारंभ हुआ था. इस प्रोजेक्ट को कोंकण रेलवे द्वारा विकसित किया जा रहा है और यह भारत का पहला केबल-स्टे इंडियन रेलवे ब्रिज है.

100 की रफ्तार से दौड़ेगी Train

चिनाब नदी पर बन रहा यह ब्रिज ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल परियोजना का हिस्सा है, जो मार्च 2021 तक पूरी होगी. इस ब्रिज के मुख्य आर्क का व्यास 485 मीटर है. ब्रिज में कुल 17 खंभे लगे हैं और सबसे ऊंचे खंभे की ऊंचाई 133.7 मीटर है. ब्रिज के निर्माण के लिए कुल 25 हजार मीट्रिक टन स्टील इस्तेमाल हुआ है. ब्रिज पर 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन चल सकती है.

Shiv Kumar Mishra
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