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सपा ने दिया निकाय चुनाव से पहले बरेली में बीजेपी को बड़ा झटका!
शिव कुमार मिश्र
28 Oct 2017 8:15 PM IST

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शम्भुदयाल वाजपेयी
उत्तर प्रदेश में आज भारतीय जनता पार्टी को पहला राजनीतिक झटका लगा है। बरेली में समाज वादी पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष हटाने के प्रयासों में उसे बुरी तरह मुंह की खानी पडी।
प्रदेश में सरकार बनने के एक महीने बाद से ही भाजपा नेता जिला पंचायत में आंखें गडाये थे।
तमाम प्रयासों के बाद उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव लाने योग्य सदस्य संख्या जुटा ली। डीएम के सामने परेड हुई और अविश्वास प्रस्ताव पर आज मतदान होना तय हो गया। सदस्यों को तोडने - फोडनें के लिए दोनों दलों के नेता एक महीने से दिन रात एक किये थे। वह सब हुआ जो ऐसी संस्थाओं पर कब्जा करने के लिए पहले से होता रहा है। पैसा , प्रभाव , खाना पीना और पकड धकड कर गोवा - नैनीताल घुमाना वगैरह।
लेकिन आज परीक्षा के दिन भाजपा के कोरम पूरा करने लायक सदस्य भी नहीं जुटे। सपा एक तरफा सीट बचाा गयी मैदान में आये बिना ही भाजपा सरेंडर कर गयी।
समाजवादी पार्टी की जीत इस लिए भी महत्व पूर्ण है कि जिले में उनका एक भी विधायक नहीं है। सभी 9 विधान सभा सीटें भाजपा के कब्जे में हैं। 9 विधायकों के अलावा धर्मेन्द्र कश्यप भाजपा सांसद है । दूसरे सांसद संतोष गंगवार केन्द्रीय मंत्री । वह 7वीं बार लोक सभा में हैं। दो विधायक राजेश अग्रवाल और धर्म पाल सिंह प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री। एक छठी और दूसरे पांचवीं बार विधायक।
सपा वालों की जीत का बडा कारण उनके नेताओं की एक जुटता रही। जिले के सभी प्रमुख पार्टी नेता अंतिम समय अपने मतभेद भुला कर एक साथ खडे हो गये। अपनी अहं मन्यता और घमंड में चूर भाजपा नेता मतदान नजदीक आते आते और बिखर गये।
अविश्वास प्रस्ताव के लिए तेजी पकडने वाले प्रभाव शाली दोनों भाजपा विधायक राजेश मिश्र र्ऊ पप्पू भरतौल और केशर सिंह गंगवार अकेले पड गये।
सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव युवा हैं। वह पिछले विधान सभा चुनाव के समय अखिलेश - मुलायम विवाद के बाद अध्यक्ष बनाये गये थे। उनके लिए यह पहली बडी राजनीतिक परीक्षा की घडी थी।
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