
हथेली पर जान रख कर खेतों पर काम करने के लिए गंगा को पार करते है किसान!

बिजनौर के राजरामपुर गांव के खादर क्षेत्र के करीब दर्जनों गांव का हजारों हेक्टेयर जमीनी रकबा गंगा के दूसरी ओर पड़ता है, यहाँ के किसानो को गंगा के उस ओर आने जाने कि कोई वयवस्था न होने के कारण हजारो किसान रोज नाव से अपने खेतों पर काम करने जाते है, लेकिन उसके लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ती है,अपनी गन्ने जैसी जाड़ो की फसल को वो मिलो तक, अपनी जान को जोखिम में डाल कर पहुंचाते है, इस क्षेत्र के किसान अपनी फसलो को खेतो से ट्रैक्टर ट्रॉलियों और बुग्गियों से गंगा के किनारे तक लाते है तथा वहां से इसे नावों से लाते है, २५-३० फीट गहरी गंगा को जान जोखिम में डाल कर पार करते है, जिसे देख कर आम आदमी के रौंगटे खड़े हो जाते है और वो दांतों तले ऊँगली दबाने को मजबूर हो जायेंगे ,साथ ही दिमाग में कई सवाल उभरते है कि आख़िर ये सब करते कैसे है,ओर वो किस तरह गंगा को पार करते है जिसके चलते इन्हे हादसों का शिकार होना पड़ता है
स्थानीय किसान कलीराम ने बताया




