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चित्रकूट के आयुष्मान रिछारिया ने रचा नया इतिहास

चित्रकूट के आयुष्मान रिछारिया ने रचा नया इतिहास
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चित्रकूट जिला मुख्यालय कर्वी शहर के पुरानी बाजार के आयुष्मान रिछारिया पुत्र दयाशंकर रिछारिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से मूर्ति कला में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। लॉक डाउन में घर मे ही रहकर 14 साल के आयुष्मान ने समय का सही सदुपयोग करके लगन के साथ क्रिएटिव एक्टिविटी में अपना ध्यान दिया । पढ़ाई के साथ साथ कला के क्षेत्र में भी अपना समय दिया।

आयुष्मान रिछारिया ने बताया कि लाॅकडाउन में अपने हुनर मूर्ति कला को निखारना शुरु किया। मूर्ति कला में शुरु से ही रुचि रही है, पढाई के कारण वक्त न मिलने से कला को सौकिया तौर पर ही रखा। लाॅकडाउन में स्कूल बन्द होने पर समय का सदुपयोग कर कला को उडान के नये पंख देकर नया इतिहास रच दिया। उन्होंने मिट्टी के सूक्ष्म गणपति की 1.5 सेमी व दो इंच की मूर्ति आंख बन्दकर बनाई। भविष्य में वक्त मिला तो और कीर्तिमान रचने का हौसला पाले हैं। आज पायनियर्स क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव शिवहरे ने आयुष्मान को सम्मानित करते हुए कहा कि इस बच्चे की वजह से हमारे चित्रकूट का नाम भी रोशन हुआ है। उन्होंने इस पुरस्कार को एक बड़ी उपलब्धि बताया है। श्री शिवहरे ने कहा कि ऐसी प्रतिभावान बच्चो का उत्त्साह वर्धन भी बहुत जरूरी होता है। पायनियर्स क्लब की ओर से बच्चे को हर संभव मदद देने के लिए भी कहा।

उनके इस कीर्तिमान को इतिहास इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड एवं इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड ने दुबारा नाम दर्ज कराया है। उनका हौसला उनके पिता दयाशंकर व माता माधुरी तथा मामा मयंक तिवारी ने बढाया है।

रिपोर्ट- सूरज तोमर चित्रकूट

Shiv Kumar Mishra
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