Top
Begin typing your search...

जगद्गुरू के संकल्प से शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ रहे दिव्यांग - कुलपति

जगद्गुरू के संकल्प से शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ रहे दिव्यांग - कुलपति
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

चित्रकूट जगदगुरु रामभद्राचार्य दिब्यांग विश्वविद्यालय में विश्व दिब्यांग दिवस के अवसर पर आनलाइन माध्यम द्वारा लखनऊ से महेश गुप्ता, प्रमुख सचिव राज्यपाल, उत्तर प्रदेश और विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो योगेश चंद्र दुबे, कुलसचिव डा महेन्द्र कुमार उपाध्याय, वित्त अधिकारी आर पी मिश्र, लेखाधिकारी एन बी गोयल ने मां सरस्वती के चित्र पर माला पहनाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। संगीत विभाग की प्रभारी डा जयोति विश्वकर्मा ने मां सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। महेश गुप्ता ने कहा कि आप सभी दिबयांग भाई बहन इस भौतिक शरीर से किसी अंग क्षति पहुंची है तो ईश्वर ने आपके लिए विशेष योग्यता, शैक्षणिक मेधा शक्ति दी है। कुछ अलौकिक शक्ति आपके पास है जो संचालित करती हैं। जीवन में कभी भी निराश नहीं होना चाहिए। अपने लक्ष्य को सदैव पाने के लिए हमेशा कार्य करतें रहे। सफलता अवश्य मिलेगी।

आनलाइन माध्यम से ही विश्वविद्यालय के आजीवन कुलाधिपति पद्म विभूषण जगदगुरु रामभद्राचार्य ने सभी को आशिर्वाद व शुभकामनाएं दीं। जगदगुरु ने कहा कि इस वैश्विक महामारी कोरोना काल मे भी छात्रों को आनलाइन माध्यम से शिक्षा प्रदान करें। तकनीकी विकास के माध्यम से ही शिक्षित करें। हमेशा विश्वविद्यालय के हित में अच्छा कार्य करें । उन्होने कहा कि उनका एक ही सूत्र वाक्य है यह विश्वविद्यालय दिब्यांगो का है और उनके साथ में सहानुभूति नहीं समानुभूति चाहिए। किसी भी दिब्यांग को किसी अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी के द्वारा कोई भी कष्ट नहीं होना चाहिए। जितना हो सहायता अवश्य करें।

कुलपति प्रो योगेश चंद्र दुबे ने कहा कि विश्वविद्यालय के आजीवन कुलाधिपति की संकल्पना थी कि एक अकेले केवल दिबायगं भाई बहनों के लिए एशिया का एकलौता विश्वविद्यालय बने जो अपनी शैक्षणिक योग्यता बढा कर समाज की मुख्य धारा से जुड सकें। जो आज भारत के सभी राज्यों में हमारे विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर टीचर्स मे रोजगार मिला है। कुलसचिव डा.महेंद्र कुमार उपाध्याय व वित्त अधिकारी आर पी मिश्रा ने विश्वविद्यालय के विकास मे शिक्षकों, छात्रों की उपलब्धि पर बधाई दी। आनलाइन माध्यम से विभिन्न प्रतियोगिताओं मे उतीर्ण छात्रों को प्रथम, दितीय, तृतीय स्थान मिला है जो आनलाइन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। निबंध प्रतियोगिता मे प्रथम स्थान चंदन कुमार सिंह, द्वितीय सुधीर कुमार विश्वकर्मा, अनूप कुमार, काब्य पाठ हिन्दी मे प्रथम देवदत्त निषाद बीएड प्रथम वर्ष, घुरहु प्रजापति बीएड प्रथम वर्ष, भाषकर शुक्ला बीएड प्रथम वर्ष, संस्कृत मे प्रथम स्थान पुषा देवी बीए, धीरेन्द्र कुमार एम ए प्रथम वर्ष, निबंध प्रतियोगिता में पंकज मिश्रा बीएड प्रथम वर्ष, वाद - विवाद प्रतियोगिता मे पक्ष में विजय कुमार विशेष बीएड, विपक्ष में रामकुमार एम एस इतिहास, भाषण प्रतियोगिता में विजय कुमार प्रथम स्थान, एकव नृत्य प्रतियोगिता में शशी देवी बीएफए, प्रियंका यादव एमए अंग्रेजी दितीय स्थान, योग आसन की प्रतियोगिता में अजीत सिंह चैहान एमए प्रथम स्थान, शुद्ध क्रिया प्रतियोगिता में राहुल कुमार प्रथम स्थान प्राप्त किये। कार्यक्रम मे धन्यवाद ज्ञापन डा रजनीश सिंह ने किया। कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुआ। कार्यक्रम का संचालन डा गोपाल मिश्र ने किया। यह जानकारी पीआरओ एस पी मिश्र ने दी।

रिपोर्ट- सूरज तोमर चित्रकूट

Shiv Kumar Mishra
Next Story
Share it