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आयुष्मान भारत की प्रगति ठीक न होने पर डीएम ने जताई नाराजगी

आयुष्मान  भारत की प्रगति ठीक न होने पर डीएम ने जताई नाराजगी
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चित्रकूट जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जिलाधिकारी ने बीसीजी टीकाकरण, मीजल्स टीकाकरण, एएनसी रजिस्ट्रेशन, आरसीएच पोर्टल, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस, मातृ मृत्यु, आशा चयन, आशा भुगतान, रोगी कल्याण समिति, राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय वेक्टर वार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम, एचआईवी डाटा, निःशुल्क टेलीमेडिसिन सेवा की प्रगति आदि बिंदुओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। आयुष्मान भारत की प्रगति ठीक न होने पर कहा कि इसमें प्रगति बढ़ायी जाए।

उन्होंने कहा कि जो सीएचसी केंद्र के प्रभारी कार्य नहीं कर रहे हैं। अपर जिलाधिकारी उनकी बैठक करा कर कार्यवाही कराएं तथा उप जिलाधिकारी अपने क्षेत्र पर भ्रमण कर व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। एंबुलेंस के प्रभारी को निर्देश दिए कि एंबुलेंस का पहुंचने का समय निर्धारित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार से लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि कोविड-19 को देखते हुए सभी चिकित्सालय पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। अभी यह महामारी को अगले माहों में बढ़ने की संभावना है। सभी चिकित्सालय पर कोल्ड चैन आदि की व्यवस्था कर ली जाएं।

वित्तीय व्यय विवरण मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ विनोद कुमार से कहा कि शासन से जो गाइडलाइन प्राप्त हुई है, उसी के अनुसार निर्धारित बिंदुओं पर खर्च किया जाए। उन्होंने कहा कि अवर अभियंता स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कार्य नहीं किया जा रहा है तो इनके कार्यों को हटाकर लोक निर्माण विभाग के किसी अवर अभियंता को नामित कर दिया जाए ताकि कार्यों पर प्रगति हो सके। उन्होंने कहा कि जिन बिंदुओं पर प्रगति नहीं है। मुख्य चिकित्साधिकारी अपने स्तर पर समीक्षा कर प्रगति को बढ़ाएं। आसा चयन पर जिला पंचायत राज अधिकारी से कहा कि ग्राम प्रधानों को निर्देश दे कि तत्काल आशा चयन करा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। मातृ मृत्यु की समीक्षा पर कहा कि किसी भी दशा में किसी भी जननी मां की मृत्यु नहीं होनी चाहिए यह आप लोग सुनिश्चित करें। यूपी हेल्थ डाइस बोर्ड पर प्रगति कराई जाए। इसमें रैंक बहुत कम है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ विनोद कुमार को निर्देश दिए कि यह नीति आयोग का मुख्य बिंदु है। इसकी लगातार समीक्षा की जाए, जो डाटा एंट्री ऑपरेटर कार्य न करें तो उनको तत्काल हटाया जाए व समय से कार्यों की फिडिंग कराई जाए ताकि जनपद की रैंकिंग अच्छी रहे। जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि आशा संगिनी के लिए पुरुष नसबंदी के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किया जाए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आर के गुप्ता को निर्देश दिए कि जिला अस्पताल में जो डिलीवरी के मरीज आ रहे हैं, उनकी अच्छी तरह से इलाज किया जाए। अस्पताल में 24 घंटे चिकित्सकों की व्यवस्था कराएं। मरीजों के साथ सही तरीके से व्यवहार करें।

मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि डिलीवरी व जननी सुरक्षा योजना में भुगतान लंबित है, उसमें अगर प्रगति नहीं कराई गई है तो संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों का जवाब तलब किया जाए। उन्होंने नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट के अंतर्गत संचालित एंबुलेंस के संचालन पर मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि इसका एक माइक्रो प्लान तैयार करा कर ही व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानिकपुर के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मारकुंडी में डिलीवरी केंद्र तत्काल खोला जाए। एफआरयू पर कहा कि मानिकपुर में तत्काल व्यवस्था कराएं। मुख्य चिकित्साधिकारी यह सुनिश्चित करले की वहां पर सभी व्यवस्थाएं करा कर एफआरयू शुरू कराया जाए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि जिन प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जिन स्वास्थ्य विभाग के बिंदुओं में कमी है, उनकी समीक्षा कर प्रगति बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के मुख्य बिंदुओं को अवश्य निर्धारित किया जाए ताकि जनपद की रैंकिंग में समस्या न हो।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी, अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार पाण्डेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ओमकार राणा, जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम आदि मौजूद रहे ।

रिपोर्ट - सूरज तोमर चित्रकूट

Shiv Kumar Mishra
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