Top
Begin typing your search...

कारागार को सुधार केन्द्र तथा बैरकों को छात्रावास समझे कैदी : शरत मान

जिला कारागार में साक्षरता शिविर के माध्यम से कैदियों को किया जा रहा शिक्षित

कारागार को सुधार केन्द्र तथा बैरकों को छात्रावास समझे कैदी : शरत मान
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

फतेहपुर । जिला कारागार में निरुद्ध अशिक्षित बन्दियों को शिक्षित करने के लिये शनिवार को जिला जेल प्रशासन ने आयोम वेलफेयर सोसाइटी के तत्वाधान में साक्षरता मिशन कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। कार्यक्रम का आगाज जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर साक्षरता शिविर का फीता काटकर किया। तत्पश्चात जिलाधिकारी के स्वागत में जेल में निरुद्ध महिला बन्दियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। वहीं जेल के अधिकारियों ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई जिलाधिकारी समेत सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ व बैच अलंकरण कर स्वागत किया।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने अपने उद्द्बोधन मे कहा कि इस पुनीत कार्य एवं नई पहल के लिये जेल प्रशासन, शिक्षा विभाग व आयोम वेलफेयर सोसायटी के कार्यकर्ताओं समेत संस्थापक शरत मान सिंह को मैं कोटिशः धन्यवाद देती हूँ। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से जहाँ बन्दियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा वहीं बन्दी इनको अपने जीवन मे उतारकर मुख्य धारा से जुड़कर अपने जीवन मे बदलाव ला सकेंगे। उन्होंने कहा कि जीवन को सार्थक बनाने का मौका मिल रहा है। सभी बन्दी भाई व बहन शिक्षित होकर जीवन को सार्थक बनाएँ। जेल अधीक्षक मो०अकरम ने कहा कि साक्षरता मिशन के तहत बन्दियों को शिक्षित करके ब्यक्तित्व में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा। शिक्षा के बगैर ब्यक्ति बिना पंख की चिड़िया के समान है। वर्तमान में जेल में 1600 बन्दियों के सापेक्ष लगभग 300 बन्दी निरक्षर हैं। जिन्हें साक्षर करने का कार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ट्रुथ मिशन स्कूल के माध्यम से शिक्षण सामग्री प्राप्त हो गई है। कैदियों को माध्यमिक शिक्षा सामग्री प्राप्त हो गई है। जिनको माध्यमिक से लेकर हाई स्कूल, इण्टर मीडिएट व स्नातक की डिग्री दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि महिला बन्दियों के छोटे बच्चों की शिक्षा के लिये जेल प्रशासन द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र खोला जाएगा। ऐसे जनकल्याणकारी कार्यों को सफल बनाने में जिलाधिकारी का सहयोग मिल रहा है। ये बड़ा ही सराहनीय व अविष्मरणीय है।

वहीं आयोम वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक शरत मान सिंह ने बन्दियों को कोरोना महामारी संक्रमण के कारण काल के गाल में समाने से बचाव के लिये बहुउपयोगी आक्सीजन कांस्ट्रेटर व प्रोजेक्टर भेंट करते हुए कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि ऑक्सीजन कांस्ट्रेटर का प्रयोग करने की नौबत कभी ना आये।

लेकिन प्रोजेक्टर सदैव प्रयोग में आता रहे। हमारे सभी बन्दी भाई व बहन कोरोना महामारी के संक्रमण से सुरक्षित रहें।

उन्होंने कहा कि कैदी भाई व बहन इस कारागार को एक शिक्षा व सुधार केन्द्र समझें। तथा अपनी बैरकों को छात्रावास। सभी लोग यहाँ साक्षर हो कुछ सीखें और बाहर निकल कर औरों को भी अच्छी शिक्षा दें। और अपने जीवन काल की अगली पारी को हर मुसीबतों का डट कर सामना करते हुए नये उत्साह के साथ जियें। कार्यक्रम के अंत मे मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने सभी बन्दियों को बैग, चश्मा व सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिला बन्दियों को प्रमाण पत्र का वितरण करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं आयोम वेलफेयर सोसायटी के संस्थापक शरत मान सिंह ने जिला प्रशासन समेत जेल प्रशासन का कार्यक्रम के आयोजन में अविष्मरणीय सहयोग देने के लिये जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे व जेल सुपरिटेंडेंट अकरम खान की सराहनीय पहल की सराहना करते हुए आभार ब्यक्त करते हुए कहा कि वो आगे भी जेल प्रशासन का जनहितकारी कार्यों में सदैव सहयोग करेंगे। इस अवसर पर जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे, डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह, आयोम वेलफेयर सोसायटी के संस्थापक शरदमान सिंह, सचिव प्रेरित मान सिंह, जेल सुप्रिटेंडेंट अकरम खान समेत तमाम समाजिक संस्थाओं के संस्थापक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Shiv Kumar Mishra
Next Story
Share it