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रूह कंपाने वाला हादसा: ट्रक ने गर्भवती महिला को मारी टक्कर, पेट फटकर बाहर आया नवजात, पति को खंरोच नहीं-मासूम जिंदा..खबर सुनकर चाचा की भी मौत

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गर्भवती महिला के दो टुकड़े हो गये...गर्भ पेट से बाहर आ गया...पूरे नौ महीने का गर्भ था,...

रूह कंपाने वाला हादसा: ट्रक ने गर्भवती महिला को मारी टक्कर, पेट फटकर बाहर आया नवजात, पति को खंरोच नहीं-मासूम जिंदा..खबर सुनकर चाचा की भी मौत
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फिरोजाबाद : एक तरफ पत्नी की लाश है, दूसरी तरफ बच्ची की किलकारी....आप देख रहे हैं चीखते-चिल्लाते राजू को जो अभी-अभी बाप बना है...जिन्दगी का स्वागत करे कि मौत का ग़म मनाए- बहुत मुश्किल घड़ी है राजू के लिए।

कोई राजू से पूछे कि गर्भवती पत्नी को बाइक पर बिठाकर हाईवे से मायके ले जाने का जोखिम कितना बड़ा था। यह जोखिम नहीं मौत को दावत थी। हादसे में खुद राजू तो जिन्दा बच गया लेकिन उसकी गर्भवती पत्नी चल बसी...क्योंकि एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से बाइक को जबरदस्त टक्कर मार दी थी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गर्भवती महिला के दो टुकड़े हो गये...गर्भ पेट से बाहर आ गया...पूरे नौ महीने का गर्भ था,...लिहाजा मां की मौत और नवजात की किलकारी को एक समय में एक ही साथ राजू ने देखा... छाती पीट-पीट कर पत्नी की मौत का गम मना रहा है राजू..खुद को कोस रहा है कि आखिर उसने बाइक से हाईवे पर चलने का फैसला ही क्यों लिया? ...तीन साल पहले ही तो शादी हुई थी....

इतनी बड़ी दुर्घटना...और बच्ची को कुछ न हुआ! अंदरूनी चोटें आयी हैं। डॉक्टरों ने बताया है कि बच्ची जल्द ठीक हो जाएगी। बस, एक बार दूध पचना शुरू हो जाए। बच्ची के पेट में जो नीला रंग दिख रहा है वही अंदरूनी चोट की कहानी बयां कर रहा है।

आप भी देखिये रूह कांपने वाला हादसा


आगरा के धनौला का रहने वाला रामू अपनी बाइक से पत्नी कामिनी के साथ ससुराल जा रहा था। फिरोजाबाद के नारखी थाना इलाके के वजीरपुर कोटला में उसकी ससुराल है। कामिनी की सोच थी कि मां बनने के बाद 4 महीने तक कहीं जाना नहीं हो पाएगा। इसलिए अभी ही मायके हो आते हैं। पत्नी की इच्छा का ख्याल रखते हुए पति रामू ससुराल के रास्ते में था जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी।

रामू ने बताया कि सुबह 9 बजे वह घर से निकला था। रास्ते में ढाबे पर चाय पी। चाय पीने के बाद बमुश्किल 5 किलोमीटर वह आगे गया था जब यह घटना घटी।

आफत आती है तो रुकने का नाम नहीं लेती। कामिनी की मौत की खबर सुनकर उसके चाचा के प्राण उड़ गये। वे कैंसर के मरीज थे।

Arun Mishra

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Assistant Editor of Special Coverage News
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