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ब्राह्मण समाज को एकजुट होने की आवश्यकता- बीके शर्मा हनुमान

ब्राह्मण समाज को एकजुट होने की आवश्यकता- बीके शर्मा हनुमान
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गाजियाबाद । कवि नगर श्री महाराजा अग्रसेन वाटिका में ब्राह्मण धर्म संसद महासम्मेलन का आयोजन संपन्न हुआ कार्यक्रम के मुख्य आयोजक विश्व ब्राह्मण संघ के प्रवक्ता पंडित बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि आज समाज के हर एक क्षेत्र में ब्राह्मण अपने सर्वोत्तम प्रयासों से आपने आप को स्थापित कर रहे हैं | ब्राह्मण समाज को एक जुट होने कि आवश्यकता है ताकि वो अपने निर्बल और वंचित ब्राह्मण बंधुओं का उत्थान कर सकें।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र के सामने ज्योति प्रज्वलन मुख्य वक्ताओं ने कहा कि विश्व ब्राह्मण संघ ब्राह्मणों के उत्थान हेतु देश ही नहीं विदेशों में अंतरराष्ट्रीय चेयरमैन परम श्रद्धेय पंडित मांगेराम शर्मा जी के नेतृत्व में काम कर रहा है उन्होंने वहाँ पर मौजूद बिप्र जनों से कहा कि वो जिस भी क्षेत्र में कार्य कर रहे हों वहाँ पर ब्राह्मणों का न्यायोचित सहायता करने का प्रयास करें | साथ ही ब्राह्मणों को 9 वचनों का पालन अवश्य करना चाहिए |

ये 9 वचन हैं नंबर 1 शादी लगन सगाई कुआं पूजन एवं अन्य सभी मांगलिक कार्यक्रम यथासंभव दिन में ही आयोजित करना नंबर 2 डी जे पर पूर्णता पाबंदी एवं बरात में वर पक्ष की ओर से केवल एक बैंड बाजे की व्यवस्था नंबर 3 गोद रसम में लड़की की गोद में एक डिब्बा मिठाई पांच फल एवं अधिकतम 101 रुपए का शुभ शगुन नंबर 4 किसी भी प्रकार के शुभ शगुन के लिए 101 रुपए अधिकतम 21 सो रुपए नंबर 5 बारातियों की अधिकतम संख्या 100 एवं कन्या पक्ष की ओर से लगन सगाई पर अधिकतम 50 अतिथियों की अनुमति नंबर 6 लड़की की गोद भराई में अधिकतम संख्या 11 महिला सहित नंबर 7 दहेज छुछक एवं अन्य किसी सामान की सूची सार्वजनिक नहीं पढ़ना नंबर 8 रसम पगड़ी में केवल सफेद पगड़ी का प्रयोग तथा पगड़ी की लंबाई अधिकतम 7 गज यदि माता की मृत्यु हुई है तथा पिता जीवित है तो ऐसी स्थिति में पगड़ी रसम का आयोजन न करना नंबर 8 ब्राह्मण परिवार के बच्चे और बच्चियां संस्कारित वस्त्रों का चयन कर प्रयोग करना शिक्षा दीक्षा पर विशेष ध्यान नंबर 9 हम अपने आपसी विवादों को यथा संभव अपने समाज के बड़े एवं प्रभाव शाली बंधुओं कि मध्यस्थता में हल करेंगे |


इस बात की हम खुलकर चर्चा करेंगे कि हम एक थे एक है एक रहेंगे , क्योंकि विश्व ब्राह्मण संघ किसी जाति या धर्म के विरुद्ध नहीं है | ऐसे में यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर ब्राह्मण वोटों पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं, देखना है कि 2022 में ब्राह्मण समुदाय की अंगुली बैलेट मशीन पर किसके चुनाव चिह्न की ओर जाती है.विश्व ब्राह्मण संघ प्रवक्ता बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि ब्राह्मणों के स्वाभिमान की रक्षा करने, उनकी सुरक्षा, सहयोग एवं जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है।

प्रजातांत्रिक शासन प्रणाली में संगठित समाज की ही आवाज सुनी जाती है। हमारे संगठित नहीं होने के कारण हमारी सर्वत्र उपेक्षा की जा रही है। हमारे पूर्वजों को लक्ष्य कर झूंठ एवं मनगढ़न्त कहानियां गढ़कर हमें निशाना बनाया जा रहा है और विभिन्न जातिवादी संगठन एवं राजनैतिक दल हमारे प्रति घृणा तथा द्वेष की भावना पैदा कर रहे हैं। राजनैतिक दलों में उपस्थित हमारे स्वजातीय नेता भी इस सम्बन्ध में चुप रहते हैं और प्रायः हमारे विरुद्ध पारित होने वाले नित नये नियम-कानूनों पर अपनी सहमति जताते हैं, क्योंकि वे जातीय गौरव से रहित एवं छुद्र स्वार्थ के लिए अपना स्वाभिमान दांव पर लगाकर राजनीति में आये हैं।

जबकि दूसरी जातियों के नेता अपनी जाति एवं वर्ग के साथ खुलकर खड़े होते हैं, उनके सम्मेलनों में जाते हैं, उनकी मांगो के समर्थन में संसद एवं विधान सभाओं में आवाज बुलन्द करते हैं। इन विडम्बनाओें की समाप्ति हेतु आप सबका आवाहन करती है, कि आईये हम सब मिलकर संगठित होकर एक वृहद् परिवार की धारणा लेकर आगे बढें। जिससे जिस किसी भी क्षेत्र में सहयोग हो सके अपने भाई/बहिन, बच्चों एवं बुजुर्गों का सहयोग करें।

अपने ब्राह्मण होने पर गर्व करें, अपनी पहचान पुनः स्थापित करें। हम कान्यकुब्ज, सरयूपारी, सनाढ्य, जुझौतिया, सारस्वत, मैथिल, बंगाली, मराठी, उड़िया, भट्ट, गिरि, गुसाई, भूमिहार, महापात्र, पंडा, द्रविड़ आदि जो भी अपने को ब्राह्मण मानता, कहता व लिखता है उन सबको बिना किसी गोत्र, क्षेत्र, वेश-भूषा अथवा खान-पान के भेदभाव के एक समान ही परिवार का सदस्य मानते हैं।

किसी भी धर्म, जाति, वर्ण या वर्ग के विरुद्ध नहीं है। हमारा उद्देश्य अपने को सुरक्षित, समर्थ एवं सशक्त कर अपने पूर्वजों की तरह ही प्राणी मात्र का कल्याण करना है। सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्। भगवान श्री परशुराम विजयते। इस अवसर पर ऋषि पाल शर्मा विनीत कुमार शर्मा सुभाष चंद शर्मा धर्मपाल अनिल कुमार शिवकुमार शर्मा मंचासीन थे कार्यक्रम कार्यक्रम में सैकड़ों विप्र बंधुओं ने भाग लिया कुशल संचालन बीके शर्मा हनुमान ने किया।

सुजीत गुप्ता
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