गाजियाबाद

कैंडल मार्च निकाल पुलवामा मे शहीद हुए जवानों और किसानों को दी श्रद्धांजलि

Arun Mishra
15 Feb 2021 8:03 AM IST
कैंडल मार्च निकाल पुलवामा मे शहीद हुए जवानों और किसानों को दी श्रद्धांजलि
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पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को शहीद का दर्जा देने की मांग की.

गाजियाबाद। यूपी गेट (गाजीपुर बार्डर) पर चल रहा किसान आंदोलन रविवार को 81वें दिन भी जारी रहा। रविवार शाम को पुलवामा हमले की दूसरी बरसी के मौके पर आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों और किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए किसानों ने कैंडल मार्च निकाला। पुलवामा में शहीद हुए वीर जवानों को शहीद का दर्जा देने की मांग की। पुलवामा शहीदों की याद में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर चल रहा किसानों का मंच रविवार को सैनिकों को समर्पित रहा।

सुबह सैनिकों ने ही राष्ट्रगान के साथ मंच का संचालन शुरू किया। दिन भर मंच से पूर्व सैनिकों ने आंदोलनकारियों को संबोधित किया और सैनिकों की पीड़ा बताने के साथ ही किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर चलने की बात कही। कैंडल मार्च भारतीय किसान यूनियन के यूथ विंग के अध्यक्ष गौरव टिकैत, भारतीय किसान यूनियन के उत्तर प्रदेेश के अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन और गाजीपुर बार्डर आंदोलन समिति के सदस्य जगतार सिंह बाजवा एवं शामली जिलाध्यक्ष कपिल की अगुवाई में निकाला गया। बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविवार को हरियाणा में रहे।

लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से परचा दाखिल करने वाले बीएसएफ के पूर्व जवान तेजबहादुर यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। तेज बहादुर ने सरकार से जवानों की शहादत का हिसाब मांगते हुए कहा कि वह हमेशा मोदी जी के सामने नामांकन दाखिल करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह देश का पहला और आखिरी आंदोलन है। यह अब केवल आंदोलन नहीं बल्कि जनक्रांति बन गया है। यह ‌केवल किसान की फसल की नहीं ‌बिल्क नस्ल की लड़ाई है। तेज बहादुर ने पूर्व सैनिकों की ओर से कहा कि वह किसान आंदोलन का समर्थन करने नहीं, ‌बल्कि अपने हक के लिए आंदोलन में शामिल हुए हैं। पूर्व सैनिक भी किसान हैं। हम किसी पर एहसान न कर रहे बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। तेजबहादुर ने कहा कि अभिनेता अक्षय कुमार के पास देश की नागरिकता तक नहीं है, उन्हें किसानों के आंदोलन के बारे में कुछ बोलने का हक नहीं है।

यूपी गेट पर पिछले ढाई माह से आंदोलनरत किसानों ने रविवार को दो वर्ष पहले पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद वीर जवानों और किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए क्रांति गेट से दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर बने मंच तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान आंदोलन स्थल जय जवान, जय किसान के नारों से गूंजता रहा। आंदोलन मंच पर पुलवामा में शहीद हुए वीर जवानों और किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों की फोटो के आगे मोमबत्ती और पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी गई। किसान आंदोलन कमेटी गाजीपुर बॉर्डर के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को दो साल हो गए हैं। मगर अभी तक आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को शहीद का दर्जा नहीं दिया गया। हम सरकार से पुलवामा में शहीद हुए वीर जवानों को शहीद का दर्जा देने की मांग करते है।

पूर्व सैनिक बैठे अनशन पर-

किसान आंदोलन के 81वें दिन दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस वे पर बने मंच पर रविवार को 13 पूर्व सैनिक अनशन पर बैठे। अनशन पर बैठने वालों में सूबेदार मेजर जयप्रकाश मिश्रा, हरवेंद्र सिंह राणा, बोध नाथ मिश्रा, बलविंदर सिंह, चरनपाल सिंह, गुरदीप सिंह, चन्नण सिंह, सूबेदार गुरुचरण सिंह, अनुराग लठवाल, राजन भाष्कर, मणि देव चतुर्वेदी, दूरबीन यादव और देवराज पहलवान ने 24 घंटे का अनशन रखा।

किसानों पर मुकदमें की पैरवी करेंगे वकील-

पिछले ढ़ाई माह से दिल्ली की सीमा पर आंदोलन करने वाले किसानों पर हुए मुकदमे की पैरवी करने के लिए आंदोलन समिति की ओर से अधिवक्ताओं के पैनल की सूची जारी की गई है। इस सूची में 11 अधिवक्ता हैं। एडवोकेट वासु कुररेजा अधिवक्ताओं के पैनल का नेतृत्व करेंगे। पैनल में शामिल अधिवक्ताओं में एडवोकेट जसवसंथी अनबुसवेलम, गौरव चौधरी, दाविंदर एस मेहंदीरत्ता, सीतावत नाबी, फरहद खान, प्रबनीर, संदीप कौर, जय किशोर और रवनीत कौर शामिल हैं।

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