
गाजियाबाद पुलिस ने किया एक नया खुलासा, सॉफ्टवेयर के माध्यम से सरकारी नंबर मांगी जा रही है रिश्वत, आरोपी गिरफ्तार

पुलिस उपाधीक्षक मोदीनगर धर्मेन्द्र चौहान को सूचना मिली कि गाजियाबाद पुलिस में तैनात अधिकारियों के सीयूजी नम्बरो से किसी व्यक्ति को फोन आया है कि तथाकथित अधिकारी द्वारा गिरफतारी न करने की एवज में रिश्वत के पैसो के धन उगाही की बात प्रकाश में आयी है। तथाकथित व्यक्ति तय समय पर पुलिस कार्यालय के बाहर आकर खडा हो गया था।
पुलिस उपाधीक्षक एवं उनकी टीम द्वारा उस व्यक्ति के पास जाकर उससे वार्ता की गयी। उस व्यक्ति ने अपना नाम कामिल बताया एवं बताया कि उसके मोबाईल पर सीयूजी नम्बरों से कई दिनों से काॅल आ रही है एवं मेरे से बार-बार यह कहाॅ जा रहा है कि गाजियाबाद में हाल ही में एक लाख व 50 हजार के ईनामिया वाले पकडे गये अभियुक्त के मुकदमें में तुम्हे जेल भेज दिया जायेगा। अगर तुम मुझे 1 लाख रूपये, 1 मोबाइल नहीं दोगें तो उस मुकदमें में जेल भेज दिया जायेगा।
पुलिस उपाधीक्षक द्वारा इन सीयूजी नम्बरों को चैक किया गया तो यह सीयूजी नम्बर 9454401578 क्षेत्राधिकारी सदर एवं मो0नं0 9454405678 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद के पीआरओ के बीएसएनएल के सीयूजी नम्बर पाये गये। दोनों अधिकारियों से फोन पर वार्ता की गयी तो दोनों ने बताया कि चूकि दोनों नम्बर बीएसएनएल के हैं, और बीएसएनएल के नम्बरों की गाजियाबाद में कनैक्टीविटी बहुत खराब रहती है। उनके द्वारा गाजियाबाद में वोडाफोन सीयूजी नम्बर प्रयोग किया जाता है।
अभी तक की जानकारी से ऐसा प्रतीत हुआ कि यह प्रकरण मोबाइल के ैच्व्व्थ्प्छळ का है एवं कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नम्बरों को धोखाधडी करके धन उगाही कर रहा है। कामिल नाम के इस व्यक्ति ने बताया कि कई दिनों से सीयूजी मो0नं0 9454401578 एवं 9454405678 के नम्बरों से फोन आ रहे है एवं मेरे से बार-बार पैसे माॅगे जा रहे हैं। यह सब सुनकर पुलिस उपाधीक्षक ने इस कामिल नाम के व्यक्ति को समझाया कि जिन नम्बरों से तुम्हे काॅल आ रहे हैं। यह पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रयोग किये ही नहीं जा रहे है।




