
गाजियाबाद एसएसपी की अनूठी पहल 'परी दिवस', पीड़ितों की लगी कतार सबकी सुनी बारी बारी बात

एसएसपी गाजियाबाद वैभव कृष्ण ने महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को परी दिवस के रूप में मनाये जाने की शरुआत की. इस अनूठी पहल को असली जामा पहनाने के लिए खुद ही एसएसपी ने थाने थाने जाकर परी दिवस का हालचाल लिया.
एसएसपी वैभव कृष्ण ने थाना परिसर में मौजूद परी दिवस पर आये पीड़ित पीड़िताओं से मिलकर उनकी परेशानियां जानी. उनकी समस्याओं को समन्धित अधिकारीयों को जल्द से जल्द निस्तारण करने का आदेश मौखिक और लिखित दोनों तरीके से दिया.
परी दिवस के तहत महिलाओं और नाबालिग बच्चों से संबंधित 968 अभियोगों में से 537 प्रकरणों की समीक्षा की गई. जिसके 254 वादी उपस्तिथ हुए. सबंधित वादियों से एसएसपी ने स्वंय और एसपी सिटी आकाश तोमर समेत सभी क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्षों ने जानकारी ली. इस तरह इन केसों में अब तक हुई प्रगति पर भी बातचीत हुई.
एसएसपी वैभव कृष्ण ने जाकर थानों पर परी दिवस की जानकारी लेते समय कई थानाध्यक्षों से नाराजगी भी जाहिर की. कहा कि परी दिवस को लेकर लापरवाही कतई नहीं बर्दाश्त कि जायेगी. इस दौरान थानाध्यक्ष कविनगर, खोड़ा और विजयनगर को सख्त चेतावनी भी दी. कहा कि भविष्य में इस तरह कि अनदेखी न की जाय.
परी दिवस को लेकर आम जनपद वासियों में भी एक नई ऊर्जा की शुरूआत होती नजर आ रही है. लोगों में इस दिवस को लेकर काफी उत्सुकता थी. अब जनता को न्याय का रास्ता खुलता नजर आ रहा है. जनता अब बादों में नहीं हकीकत में मदद चाहती है.




