
Archived
गाजियाबाद: दोनों हाथों से सभी लूटने में लगे हैं बालू खनन की अवैध कमाई
शिव कुमार मिश्र
2 May 2018 8:38 AM IST

x
पचायरा की उक्त खान पर मानको के विरुद्ध अवैध रूप से खनन होता हुआ पाया गया था।
सरताज खान
गाजियाबाद: लोनी पुलिस प्रशासन की सांठगांठ के चलते सभी तय मानकों व नियमों को ताकपर रखकर यमुना का सीना चीरकर अवैध रूप से बालू खनन करने वाले माफिया सरकार को लाखों रूपए रोज का चूना लगा रहे हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उक्त गंभीर प्रकरण की शिकायत के बावजूद भी संबंधित अधिकारी इस ओर से अंधे और बहरे बने हुए बैठे हैं। कमाल की बात तो यह है कि क्षेत्रीय विकास की बात करने व अपने को पाक- साफ और जनता हितैषी होने की बात कहने वाले क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भी इसकी अनदेखी की जा रही है। जिन्होंने तुरंत इस गोरखधंधे के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद नहीं की तो उनकी छवि भी संदिग्ध होना तय है जिसका नतीजा आने वाले समय में उन्हें भुगतना होगा।
उपजिलाधिकारी की क्या है मजबूरी
गौरतलब हो कि पचायरा में चलने वाली उक्त खान पर अवैध रूप से हो रहे खनन की सूचना पाकर उस दौरान ही तैनाती पाने वाले उपजिलाधिकारी अमित पाल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर वहां नियमों के विरुद्ध यमुना के बीच से रेत निकालते हुए तीन पोपलेन मशीनों को रंगे हाथों पकड़ उन्हें सील कर दिया था। तथा खान का काम बंद करा उसके स्वामी पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। हालांकि कुछ दिनों बाद ही उक्त खनन पुनः अपने विस्तार में आ गई है। जबकि बात नियमों व मानकों की करें तो उसकी अनदेखी आज भी ज्यों की त्यों बनी हुई है। अब ऐसे में खनन माफियाओं व एसडीएम के बीच खनन का काम पुनः शुरू करने के लिए क्या आधार तय किया गया है यह सभी की समझ से परे है।
ऑवरलोड वाहनों से लगा करोड़ों का पलीता
खान में सैकड़ों की तादाद में रेत लादकर आने वाले वाहनों की ऑवरलोडिंग देखकर आमजन कोई भी अपने दांतो तले उंगली दबाने से अपने को रोक नहीं पाता हैं मगर मजे की बात यह है कि उनका किसी भी संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पर कोई असर पड़ता नजर नहीं आता है। बिना तिरपाल के ढके अपने विस्तार व तय वजन से लगभग दोगुना रेत लादकर सड़क पर दौड़ने वाले इन वाहनों के कारण जहां सरकार द्वारा सड़क निर्माण में खर्च किए गए करोड़ों रुपयो का पलिता लग चुका है वही उनसे गिरने वाले रेत के कारण आम यात्रियों के लिए भी वह किसी मुसीबत से कम नहीं है। क्योंकि इन वाहनों के कारण सड़क की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि वहां से आने- जाने वाले अन्य वाहनों के लिए वह एक बड़ी परेशानी का सबब बन गई हैं।
सभी है एक ही थाली के चट्टे-बट्टे
क्षेत्रीय लोगों ने जहां बालू खनन के एफ अवैध गोरखधंधे में पुलिस प्रशासन पर यह आरोप लगाया है कि खनन माफियाओं ने जहा सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को नजराने के तौर पर उनसे तयनुसार प्रति माह एक मोटी रकम देकर उन्हें अपने बस में कर लिया है वहीं दूसरी और बड़ी-बड़ी डींग हांकने वाले जनप्रतिनिधियों का भी इस ओर से चुप्पी साधे रहना उनकी कार्यप्रणाली को भी संदिग्ध बनाता है। जो इस तरह स्वयं ही अपनी सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का चूना लगाने का काम कर रहे हैं। अब ऐसी स्थिति में सभी एक ही थाली के चट्टे-बट्टे नजर आने लगे हैं।
अमित शर्मा उपजिलाधिकारी (लोनी)
पचायरा की उक्त खान पर मानको के विरुद्ध अवैध रूप से खनन होता हुआ पाया गया था। जहां यमुना के बीच से रेत निकालते हुए पाई गई तीन पोकलेन मशीनों को सील कर दिया गया था तथा खान को बंद करा उसके स्वामी पर 15 लाख रुपए का जुर्माना किया गया था। जिसे जमा कराने के बाद यह चेतावनी देते हुए कि खान संचालन के कार्य में सभी नियमों का विशेष ध्यान रखा जाए, खान को पुनः चलाने की अनुमति दे दी गई थी। मगर इसके बावजूद भी यदि कोई शिकायत पाई जाती है तो उसके विरुद्ध दोबारा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
Next Story




