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गाजियाबाद में आफत की बारिश, सडकों से लेकर घरों में भरा पानी जन जीवन अस्त व्यस्त रोड पर लगा जाम

गाजियाबाद में आफत की बारिश, सडकों से लेकर घरों में भरा पानी जन जीवन अस्त व्यस्त रोड पर लगा जाम
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गाजियाबाद में आज हुई बारिश में नगर निगम की पोल खुल गई. पूरे शहर में त्राहि त्राहि मच गई. कई जगह हादसे ऐसे थे कि सुनकर ही रूह काँप उठी. शहर के इंदिरापुरम इलाके के वसुंधरा में एक मुख्य सडक ही पूरी तरह धंस गयी जसिसे बगल में रहने वाले लोग भी घरो से बाहर निकल आये. वसुंधरा सेक्टर 4 वार्ता लोक सोसाइटी के पास सड़क धँस गई जिससे घबरा कर कई लोगों ने घर खाली कर दिया है और लोग थाना पहुंचे है.



गाजियाबाद के खोड़ा में एक मकान की एक दीवार गिर गई, दीवार गिरने से एक बच्चे को चोट आई. पड़ोसीओं से सबसे पहले उस बच्चे को अस्पताल भिजवाया और उसके बाद आनन फानन में पहुंची पुलिस ने मलवे को साफ़ कराने के लिए नगर पालिका परिषद के अधिकारीयों को बुला राहत और बचाव कार्य शरू किया. मलवा हटाया जा रहा है.




















एलीवेटिड रोड पर भी NH 24 पर चढ़ते समय पानी भर जाने से भयंकर जाम लगा. बरसात का पानी भर गया. जिससे गाड़ियों का निकलना मुश्किल हो गया. मौके पर पुलिस ने पहुंचकर हालत सामन्य कराये.




दिल्ली से सटा गाज़ियाबाद का पाश इलाका सुबह से हो रही बारिश में बुरी तरह जलमग्न हो गया है. बरसात के चलते पूरा इंदिरापुरम जलमग्न दिखाई दिया. चारों और पानी पानी ही पानी दिखाई दे रहा था. लोग सुबह सुबह दफ्तर जाने को तो कोई अपने करोबार को निकलने वाला था. लेकिन सवेरे सवेरे हुई बरसात से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया. यह हाल इंदिरापुरम ज्ञान खंड और न्याय खंड भी जलमग्न दिखे.





लोगों के घरों में बारिश का पानी दो फुट चढ़ गया है, इंदिरापुरम के ज्ञानखंड तीन में बहुत घरों में इतना पानी भर गया है कि लोग अपने सामान को बचाने की फ़िक्र में लगे हैं.अब जबकि बिल्डिंग गिरने की खबरें आ रही हैं तो चिंता बढ़ जाना स्वाभाविक है,शासन प्रशासन की तरफ से मदद नहीं मिल रही है और पानी को निकालने की व्यवस्था भी होती नजर नहीं आ रही है.




कविनगर के हायड्रिल कालौनी में घरों में पानी घुस गया. कई शिकायत कर्ताओं ने फोन पर बताया कि घरों में घुटनों तक पानी भर गया है. सामान भी भीग गया है मकानों में रहने वाले लोग कुर्सी और बैड पर बैठकर पानी निकलने का इंतजार कर रहे है जबकि पानी घटने का नाम नहीं ले रहा है.पानी बढ़ता जा रहा है.


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