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गाजियाबाद पुलिस की एक और कामयाबी, फर्जी नटवर लाल किया गिरफ्तार, डिप्टी सीएम से लेकर डीजीपी को भी धमकाया

गाजियाबाद पुलिस की एक और कामयाबी, फर्जी नटवर लाल किया गिरफ्तार, डिप्टी सीएम से लेकर डीजीपी को भी धमकाया
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योगी सरकार ने जानकारी मिलते है, तुरंत बर्खास्त कर गिरफ्तार करवा दिया।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य कुंवर अफजाल चौधरी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। गाजियाबाद के मुस्लिम बीजेपी नेता अफजाल को योगी सरकार ने बीते पांच फरवरी को आयोग का सदस्य नियुक्त किया था।

अफजाल चौधरी ने ख़ुद को शंकर सिंह वाघेला और यशवंत सिन्हा बताकर अफ़सरों को हड़काता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य अफ़जाल चौधरी को उसके पद से इसलिए हटाया क्योंकि इसके विरुद्ध कई तरह की शिकायतें थीं। लोनी निवासी इस शख़्स पर ग़ाज़ियाबाद की डीएम और एसएसपी समेत कई बड़े अधिकारियों को फ़र्ज़ी नाम से फ़ोन कर नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए दबाव डालने का संगीन आरोप था।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ से इसने रिटायर्ड पीसीएस जितेंद्र सिंह और पूर्व गाजियाबाद के नगर आयुक्त के कहने पर स्वयं को गुजरात का पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला बताकर ग़ाज़ियाबाद की डीएम रितु माहेश्वरी पर एक ज़मीनी विवाद को किसी व्यक्तिविशेष के पक्ष में करने की सिफ़ारिश की थी। वहीं इसी तरह अफजाल ने स्वयं को अटल बिहारी बाजपेयी सरकार का मंत्री यशवंत सिन्हा बताकर ग़ाज़ियाबाद के एसएसपी को लोनी के एक मामले को लेकर फ़ोन किया और दबाव डाला। इतना ही नहीं जब यूपी के पुलिस मुखिया ओपी सिहं ने गाजियाबाद के एसएसपी वैभव कृष्ण को फोन किया और बोला की तुम यशवंत सिन्हा की क्यों नहीं सुन रहे। तो इसपर एसएसपी ने बताया कि सर ये कोई फ्रॉर्ड व्यक्ति है जो इस तरह के मामलों को अंजाम दे रहा है और इसपर जांच की जा रही है, जिसके बाद डीजीपी इस मामले को समझ गए।

मामला यहीं तक रुक जाता तो भी ठीक था लेकिन उस नटवरलाल ने डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को भी यशवंत सिन्हा बनकर फोन किया और डिप्टी सीएम भी इस नटवरलाल की बातों में आ गए और उन्होंने भी गाजियाबाद एसएसपी को फोन करके हड़काया कि तुम उनकी बात क्यों नहीं सुन रहे हो। तब एसएसपी ने अपना शक ज़ाहिर करते हुए बताया कि सर इस पूरे मामले की जांच कर रहा हूं और ये एक नटवरलाल है जो इस तरह की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस नटवरलाल को दो दिन पहले ही पूछताछ के लिए उठा लिया है और पुलिस की पूछताछ में अफजाल चौधरी ने इन सब बातों को कबूल किया है। पुलिस ने अफजाल चौधरी पर 420, 467,470, 478, धोखाधड़ी जैसी कई धाराएं लगाई हैं। वहीं अनुमान है कि अफजाल पर आईटी एक्ट की धाराओं के तरत मुकादमा दर्ज हो सकता है और अब इस नटवरलाल का गिरफ्तार होना और जेल जाना तय बताया जा रहा है। अफजाल चौधरी भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं के नाम पर शासन व प्रसाशन के कई बड़े अधिकारयों को हड़काता था और उन पर दबाब बनाकर उनसे अपने मन मुताबिक कार्य करवाता और ठीक इसी तरह ये लोगों से पैसे भी वसूलता था।

इतना ही नहीं अफजाल ने अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर कई बॉलीवुड सितारों और बड़ी हस्तियों के साथ की फ़ोटों डाली हुई हैं। वह इसी बहाने से लोगों को ठगता था। गाजियाबाद के मुस्लिम बीजेपी नेता अफजाल को योगी सरकार ने बीते पांच फरवरी को आयोग का सदस्य नियुक्त किया था। आज गुरुवार को अल्पसंख्यक आयोग के डायरेक्टर शेषमणि पांडेय ने निर्देश आदेश जारी करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बर्खास्तगी के साथ ही अफजाल चौधरी की सभी सेवाएं तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई हैं।


बता दें कि सालों से खाली पड़े अल्पसंख्यक आयोग के सदस्यों का पद पर योगी सरकार ने बीते फरवरी माह में नियुक्तियां की थी। जिसमें एक चेयमैन सहित आठ सदस्यों की नियुक्ति की गई थी। जिसमें फतेहपुर के बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे के नेता मोहम्मद असलम ने आयोग को ज्वाइन नहीं किया था।

चौधरी के अलावा, आदित्यनाथ सरकार ने मेरठ के सुरेश जैन ऋतुराज, मुजफ्फरनगर के सुखदर्शन बेदी, कानपुर के उबादाण के मनोज कुमार मसिह, कुंवर सईद इकबाल हैदर, फतेहपुर के मोहम्मद असलम, कानपुर के सोफिया अहमद और लखनऊ के रुमाना सिद्दीकी नियुक्त किए थे।

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