
#EidMubarak : गाजियाबाद में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ईद

गाजियाबाद : देशभर में आज मुस्लिमों का त्यौहार ईद-उल-फितर मनाया जा रहा है. ईद-उल-फितर मुसलमानों का एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है. यह ईद रमजान के पाक महीने के बाद मनाया जाता है.तथा रमजान के पाक माह में पूरे महीने रोजे रखे जाते है. जिसके बाद ईद के त्यौहार का जश्न मनाया जाता है. ये ईद चाँद देखने के बाद मनाया जाता है चाँद देखने के बाद सभी एक दुसरे को मुबारकबाद देते हैं. जश्न मानते है और ईदगाह जाकर खुदा की इबादत करते है. हालाँकि भारत के केरल को छोड़कर समस्त देश में आज ही ईद का त्यौहार मनाया जा रहा है.
इस्लाम धर्म में साल में दो बार ईद मनाई जाती है.पहली मीठी ईद जिसे की ईद उल-फितर कहा जाता है तथा दूसरी ईद उल-जुहा या बकरी ईद भी कहा जाता है.मीठी ईद को रमजान महीने के 30 दिनों के बाद मनाया जाता है तथा बकरी ईद को रमजान ख़त्म होने के 70 दिनों के बाद मनाया जाता है.बकरी ईद को कुर्बानी की ईद माना जाता है.
माना जाता है की पहली बार ईद उल-फितर को 624 ईस्वी में मनाया गया था मान्यता यह है कि पैगम्बर हजरत ने बद्र के युद्ध में जीत हासिल की थी इसी ख़ुशी को ईद उल-फितर के रूप में मनाया जाता है.इस दिन मीठे पकवान बनाये जाते है तथा एक दूसरे को खिलाये जाते है.किसी गरीब को दान देकर अल्लाह को याद किया जाता है इस दान को इस्लाम में फितरा कहा जाता है.
आखिर कोई भी त्यौहार क्यों मनाया जाता है क्या है त्योहारों का महत्त्व.अगर कहा जाये तो गलत नहीं होगा की त्यौहार आपस में प्रेम और मेल जोल बढ़ाने के लिए ही बनाये गए थे.ताकि आज की इस भागदौड़ वाली जिंदगी में जिसमे किसी की व्यक्ति के पास किसी दूसरे के लिए टाइम नहीं है.किसी को एक दूसरे के सुख दुखों के बारे में पता तक नहीं है.त्यौहार के बहाने ही सही एक दूसरे से मिलते जुलते तो है और एक दूसरे के सुख दुखों के बारें में मालूम करते है.




