Top
Begin typing your search...

यूपी में शिक्षामित्रों-अनुदेशकों और रसोइयों के लिए खुशखबरी, मिलने वाला है बढ़ा मानदेय, जानें- कितने रुपये होगी बढ़ोतरी

यूपी में शिक्षामित्रों-अनुदेशकों और रसोइयों के लिए खुशखबरी, मिलने वाला है बढ़ा मानदेय, जानें- कितने रुपये होगी बढ़ोतरी
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊ। बढ़ती महंगाई के बीच लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे उत्तर प्रदेश के लगभग लाखों मानदेय कार्मिकों की योगी आदित्यनाथ सरकार चुनावी वर्ष में मुराद पूरी करने जा रही है। अगस्त माह में आए यूपी सरकार के अनुपूरक बजट पर अमल होने जा रहा है।

शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का मानदेय एक-एक हजार रुपये व रसोइयों का मानदेय 500 रुपये बढ़ाया जा सकता है। इसे लेकर अधिकारियों में सहमति बन गई है। बढ़े हुए मानदेय पर मुख्यमंत्री से सहमति मिलने के बाद एक कार्यक्रम का आयोजन कर इसकी घोषणा की जाएगी। इससे प्रदेश के 1.59 लाख शिक्षामित्रों व 30 हजार अनुदेशकों को लाभ मिलेगा।

बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों का चार साल में दूसरी बार मानदेय बढ़ रहा है। इसी माह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बढ़े मानदेय का ऐलान करेंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय आयोजन की तैयारियों में जुट गया है। बजट आवंटन होने के बाद विभाग अक्टूबर से बढ़ा हुआ मानदेय भुगतान करने की तैयारी कर रहा है।

अभी शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये है। शिक्षको का समायोजन रद्द होने के बाद उनका मानदेय 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया था। तबसे वे समान कार्य समान वेतन की मांग कर रहे थे। अनुदेशकों को भी लगभग सात हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।। 3.5 लाख रसोइयों को अभी 1500 रुपये मानदेय दिया जाता है जिसमें 1000 रुपये केंद्र और 500 रुपये सरकार देती है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार ने अनुपूरक बजट में रोजगार सेवकों, प्रांतीय रक्षक दल जवानों, ग्राम प्रहरी/चौकीदारों, आशा (ग्रामीण व शहरी) व आशा संगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आंगनबाड़ी सहायिकाओं, शिक्षामित्रों, रसोइयों और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने के लिए 699.16 करोड़ रुपये का प्राविधान किया है।



सुजीत गुप्ता
Next Story
Share it