गोरखपुर

चौकी इंचार्ज और पत्रकार मिलकर खेल रहे थे वसूली का खेल, मौके से दोनों गिरफ्तार

Special Coverage News
24 May 2019 6:19 PM IST
चौकी इंचार्ज और पत्रकार मिलकर खेल रहे थे वसूली का खेल, मौके से दोनों गिरफ्तार
x

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के एक कथित पत्रकार को पुलिस वालों ने गिरफ्तार कर लिया है। पत्रकार पर आरोप है कि वह कुछ पुलिस वालों के लिये बिचौलिया बनकर वसूली करता था। इस कथित पत्रकार के साथ एक पुलिस चौकी के इंचार्ज को भी पकड़ा गया है। इस पत्रकार का नाम प्रणव त्रिपाठी है। इसने अपने फेसबुक एकाउंट पर कई फिल्मी सितारों के साथ फोटो भी लगा रखा है।

इस कथित पत्रकार को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में चौकी इंचार्ज की मदद से एक डॉक्टर को धमकी देकर आठ लाख रुपये की वसुली के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस डाक्टर ने मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत की थी। गोरखपुर शहर के प्रतिष्ठित मानसिक रोग विशेषज्ञ डाक्टर रामशरण श्रीवास्तव को जेल भेजने की धमकी देकर आठ लाख रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में ट्रांसपोर्ट नगर चौकी इंचार्ज शिव प्रकाश सिंह और इस कथित पत्रकार प्रणव त्रिपाठी को गिरफ्तार गया है।

आरोप है कि एक महिला से दुष्कर्म की झूठी तहरीर लेकर चौकी इंचार्ज और कथित पत्रकार डाक्टर से रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहे थे। एसएसपी के निर्देश पर चौकी इंचार्ज, कथित पत्रकार और झूठी तहरीर देने वाली महिला के विरुद्ध मंगलवार को दिन में राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज करने के बाद देर शाम दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। न्यायिक अभिरक्षा में उन्हें जेल भेज दिया गया है। महिला की तलाश की जा रही है।

बताते हैं कि डा. रामशरण श्रीवास्तव को पिछले कई दिन से चौकी इंचार्ज फोन कर आठ लाख रुपये की मांग कर रहा था। डाक्टर से फोन पर बातचीत के दौरान चौकी इंचार्ज यह दावा कर रहा था कि ज्योति सिंह नाम की एक महिला ने उन्हें प्रार्थना पत्र देकर उन पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। चौकी इंचार्ज इस मामले में मुकदमा दर्ज कर डाक्टर को जेल भेजने की धमकी दे रहे थे। आरोप है कि खुद को पत्रकार बताने वाला प्रणव त्रिपाठी नाम का युवक भी रंगदारी मांगने में शामिल था। रंगदारी मांगने के लिए चौकी इंचार्ज और कथित पत्रकार कई बार डाक्टर के क्लिनिक पर भी पहुंचे थे।

चौकी इंचार्ज की धमकी से परेशान डाक्टर ने दो दिन पहले गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इसकी शिकायत की थी। अपने आरोपों की पुष्टि के लिए प्रार्थना पत्र के साथ उन्होंने चौकी इंचार्ज से मोबाइल फोन पर हुई बातचीत की रिकार्डिंग और क्लिनिक में आकर रंगदारी मांगने की सीसी टीवी फुटेज भी मुख्यमंत्री को दिया था। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने एसएसपी को तलब कर मामले की जांच कराकर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

बाद में सहायक पुलिस अधीक्षक, कैंपियरगंज से मामले की जांच कराए जाने पर जांच में शिकायत सही पाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। एसएसपी का आदेश मिलते ही राजघाट पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में चौकी इंचार्ज सहित तीनों आरोपितों के विरुद्ध, आपराधिक मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रंगदारी मांगने और आपराधिक षणयंत्र रचने सहित कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्जकर लिया।

इसके बाद देर शाम पुलिस ने चौकी इंचार्ज और उसके सहयोगी कथित पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया। दुष्कर्म की झूठी तहरीर देने वाली महिला ज्योति सिंह की तलाश में छापेमारी चल रही है। बता दें कि चार माह पहले इसी चौकी इंचार्ज पर कपड़ा व्यवसायी को जेल भेजने की धमकी देकर रुपये वसूलने का आरोप लगा था। हालांकि बाद में यह मामला रफादफा हो गया था। पकड़ा गया कथित पत्रकार प्रणव त्रिपाठी गोरखपुर के एक केबल न्यूज में कभी काम करता था मगर फिलहाल वह वसुली के धंधे में लिप्त हो गया था।

Next Story