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नवोदय विद्यालय की छात्रा के मामले में हाईकोर्ट सख्त : डीजीपी को प्रयागराज न छोड़ने का दिया आदेश

कोर्ट ने प्रदेश के डीजीपी को एसपी मैनपुरी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कहा है कि एसपी मैनपुरी को हटाये या जबरन सेवा निवृत्त करें..

नवोदय विद्यालय की छात्रा के मामले में हाईकोर्ट सख्त : डीजीपी को प्रयागराज न छोड़ने का दिया आदेश
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प्रयागराज : जवाहर नवोदय विद्यालय मैनपुरी में छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।

इस मामले को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में तलब प्रदेश के पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल अदालत में हाजिर हुए। लेकिन मामले में सफाई न दे पाने पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने डीजीपी को प्रयागराज न छोड़ने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने प्रदेश के डीजीपी को एसपी मैनपुरी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कहा है कि एसपी मैनपुरी को हटाये या जबरन सेवा निवृत्त करें। कोर्ट ने अदालत में पेश की गई जवाहर नवोदय विद्यालय मैनपुरी की छात्रा की फांसी के बाद पंचनामे की वीडियो रिकार्डिंग देखी। कोर्ट ने वीडियो देखने के बाद पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और डीजीपी को पूरी तैयारी के साथ कल कोर्ट में मौजूद रहने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट देखने से लगता है कि छेड़छाड़ की गई है। गले में फांसी के निशान संदेह पैदा कर रहे हैं। कोर्ट ने डीजीपी से कहा कार्रवाई करें, नहीं तो अदालत सख्त कदम उठायेगी। अब इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई कल भी जारी रहेगी। याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह की ओर जनहित याचिका दाखिल कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस एम एन भंडारी और जस्टिस ए के ओझा की खंडपीठ कर रही है।

गौरतलब है कि जवाहर नवोदय विद्यालय मैनपुरी में कक्षा 11में पढ़ने वाली एक छात्रा की 16 सितंबर 2019 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। छात्रावास में ही छात्रा का शव मिला था। पुलिस और प्रशासन ने इसे आत्म हत्या माना। लेकिन परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में 26 सितंबर को राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की भी सिफारिश कर दी थी। आगरा की एफ एस एल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। स्लाइड में मेल स्पर्म पाये गये थे। लैब ने 15 नवंबर 2019 को पुलिस को सौंप दी थी।

- एस ए नसीम

एडवोकेट

प्रत्यक्ष मिश्रा
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