Begin typing your search...

यूपी में मेडिकल कॉलेजों

साठ के दशक में जरूर 7 मेडिकल कॉलेज खोले गए और उन मेडिकल कॉलेज को खोलने में चौधरी चरण सिंह और बाबू बनारसी दास का सबसे बड़ा योगदान था

यूपी में मेडिकल कॉलेजों
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

समाज के सभी वर्गों के लिए चिकित्सा शिक्षा सुलभ बनाने और लोगों को राज्य के भीतर सभी स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए, योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले चार वर्षों में चिकित्सा संस्थानों में महत्वपूर्ण निवेश किया है।

स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए, सरकार ने हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने दावा किया कि 2017 तक यूपी में सिर्फ 12 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि पिछले चार सालों में 30 नए मेडिकल कॉलेज शुरू हुए। उन्होंने कहा, इनमें से सात कॉलेजों में सत्र शुरू हो गया है, जिससे एमबीबीएस की संख्या में 700 की वृद्धि हुई है।

1990 तक उत्तर प्रदेश में सिर्फ 9 मेडिकल कॉलेज थे उसमें से भी तीन मेडिकल कॉलेज अंग्रेज बना कर गए थे उसमें एक लखनऊ का किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज था जो 1905 में बनकर तैयार हुआ था।

एक आगरा का मेडिकल कॉलेज जिसका नाम पहले थॉमस जेम्स मेडिकल कॉलेज था वो 1854 में बना था और वह एशिया का सबसे पुराना और विश्व का तीसरा सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज है जिसका नाम बाद में बदलकर सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज कर दिया गया।

बाद में साठ के दशक में जरूर 7 मेडिकल कॉलेज खोले गए और उन मेडिकल कॉलेज को खोलने में चौधरी चरण सिंह और बाबू बनारसी दास का सबसे बड़ा योगदान था।

अब सिर्फ 5 साल के योगी सरकार के शासन के दौरान उत्तर प्रदेश में 35 नए मेडिकल कॉलेज और 2 एम्स खोले जा रहे हैं जिसमें से आज 9 मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन भी कर दिया गया और ये सभी मेडिकल कॉलेज सरकारी हैं और सबसे खुशी की बात ये है कि इसमें से किसी भी मेडिकल कॉलेज का नाम किसी एक परिवार के नाम पर नहीं बल्कि उस शहर के किसी न किसी महापुरुष के नाम पर रखा जा रहा है।

Desk Editor
Next Story
Share it