उत्तर प्रदेश

IPS Anirudh Singh : जांच में दोषी पाए आईपीएस अनिरुद्ध सिंह, होगी कार्रवाई! जानिए- क्या है पूरा मामला?

Arun Mishra
16 Jun 2023 11:40 AM IST
IPS Anirudh Singh : जांच में दोषी पाए आईपीएस अनिरुद्ध सिंह, होगी कार्रवाई! जानिए- क्या है पूरा मामला?
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स्कूल संचालक से रिश्वत मांगने का मामला, शासन ने करवाई थी जांच..!!

लखनऊ : वाराणसी के स्कूल संचालक से विडियो कॉल के जरिए 20 लाख रुपये रिश्वत मांगने के मामले में IPS अफसर अनिरुद्ध सिंह को दोषी पाया गया है। उनके खिलाफ वृहद दंड की कार्रवाई की तैयारी है। 12 मार्च को उनका रिश्वत मांगने का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। शासन के निर्देश पर डीजीपी मुख्यालय ने उनके खिलाफ वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को जांच सौंपी थी। पुलिस कमिश्नर ने एसीपी हेडक्वॉर्टर ऐंड डीआईजी क्राइम संतोष कुमार सिंह को जांच अधिकारी बनाया था।

डीजीपी मुख्यालय ने इस मामले में तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी थी। हालांकि, जांच पूरी कर रिपोर्ट भेजने में करीव ढाई माह वीत गए। तव वाराणसी के पुलिस कमिश्नर की तरफ से कहा गया था कि विडियो की फरेंसिक जांच में समय लग रहा है। खैर, मई के अंत में वाराणसी पुलिस कमिश्नर ने जांच रिपोर्ट डीजीपी मुख्यालय भेज दी थी। जांच में अनिरुद्ध को दोषी पाया गया। जांच सामने आया है कि जव अनिरुद्ध को उनका विडियो बनाए जाने की वात जानकारी मिली तो उन्होंने अपने पक्ष में तस्करा डाला कि वह आरोपित को टैप करने के लिए विडियो कॉल कर रहे थे में जांचों में उन्होंने खुद को सही सावित करने के लिए इसका जिक्र भी किया।

पहले दे दी गई थी क्लीनचिट!

अनिरुद्ध का विडियो वायरल होने से पहले इस संबंध में स्कूल संचालक की तरफ से डीजीपी मुख्यालय को शिकायत भेजी गई थी। जिस पर मुख्यालय ने कमिश्नर के स्तर से आरंभिक जांच करवाई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर मुख्यालय ने अनिरुद्ध को वाराणसी से इंटेलिजेंस मुख्यालय से अटैच कर दिया था। बाद में उनके खिलाफ एडीजी स्तर के दो IPS अफसरों की कमिटी ने जांच की। जांच के दौरान स्कूल कारोबारी को भी बयान के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह कमिटी के सामने उपस्थित नहीं हुए। वहीं अनिरुद्ध ने कमिटी के सामने कहा कि स्कूल संचालक उन्हें केस को उनके पक्ष में करने के लिए लालच दे रहे थे, इसलिए वह उन्हें ट्रैप कर रहे थे। इसी दौरान स्कूल संचालक ने उनका विडियो रिकॉर्ड कर लिया। इस आधार पर कमिटी ने अनिरुद्ध को बरी कर दिया। इसके बाद अनिरुद्ध को पहले फतेहपुर और फिर मेरठ के एसपी ग्रामीण के पद पर तैनात किया गया। विडियो वायरल होने के बाद 6 अप्रैल, 2023 को अनिरुद्ध को वहां से हटाकर CBCID मुख्यालय में और वाराणसी में डीसीपी के पद पर तैनात उनकी पत्नी आरती सिंह को कानपुर भेज दिया गया |

अकाउंटेंट पर आय से अधिक संपत्ति की FIR

उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (UPRNN) के असिस्टेंट अकाउंटेंट वीरेंद्र सिंह के खिलाफ विजिलेंसके मेरठ सेक्टर ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। एफआईआर के मुताबिक 3 फरवरी, 2022 को शासन ने शामली इकाई में तैनात वीरेंद्र के खिलाफ खुली जांच का आदेश दिया था। 19 अप्रैल 2023 को भेजी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया कि जांच के लिए तय की गई अवधि में वीरेंद्र को 51.18 लाख रुपये की आय हुई, जबकि इस दौरान उसने 1.13 करोड़ रुपये खर्च किए।

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