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Bird Flu: कानपुर जू के सभी पक्षियों को मारने के आदेश, 10 किमी के दायरे में मांस बिक्री पर रोक

बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद 15 दिनों के लिए चिड़ियाघर को बंद किया गया था. लेकिन अब अनिशिचतकाल के लिए जू को बंद किया गया है.

Bird Flu: कानपुर जू के सभी पक्षियों को मारने के आदेश, 10 किमी के दायरे में मांस बिक्री पर रोक
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कानपुर : चार दिन पहले कानपुर चिड़ियाघर (Kanpur Zoo) में मृत पाई गई जंगली मुर्गियों में बर्ड फ्लू (Bird Flu) की पुष्टि होने के बाद अब प्रशासन हाई अलर्ट पर है. चिड़ियाघर के सभी बाड़ों में मौजूद पक्षियों को रविवार शाम तक मारने के आदेश दिए गए हैं. साथ ही चिड़ियाघर से एक किलोमीटर तक के एरिया को कन्टेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया हैं. इतना ही नहीं 10 किमी के दायरे में मांस की बिक्री पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया है.

बता दें कि बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद 15 दिनों के लिए चिड़ियाघर को बंद किया गया था. लेकिन अब अनिशिचतकाल के लिए जू को बंद किया गया है. किसी को भी चिड़ियाघर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। फ़िलहाल चिड़ियाघर में स्वास्थ विभाग की टीम मौजूद है और पक्षियों को मारने की तैयारी की जा रही है.

पहले मुर्गियों और तोतों को मारने की तैयारी

जानकारी के मुताबिक पहले मुर्गियों और तोतों को मारा जाएगा. उसके बाद बत्तख व अन्य पक्षियों को मारने की तैयारी है. चिड़ियाघर के अधिकारियों के मुताबिक यह दुखद है लेकिन प्रोटोकॉल के तहत यह करना ही होगा. आज शाम तक सभी पक्षियों को मारने के निर्देश दिए गए हैं.

इन जिलों में भी बर्ड फ्लू की आशंका

बता दें कि 4 दिन पहले कानपुर चिड़ियाघर में चार जंगली मुर्गियों और चार हीरामन तोतों की मौत हो गई थी. यह सभी पिंजरे में बंद पक्षी थे. इन्हीं में से मृत मुर्गियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. इसके अलावा सोनभद्र, बाराबंकी, अयोध्या और झांसी में कौवे मृत पाए गए थे. इनका सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजा गया है. इसकी रिपोर्ट आने में एक-दो दिन का समय लग सकता है.

जिस तरह से राज्य दर राज्य बर्ड फ्लू अपने पैर पसार रहा है, उसे देखते हुए पहले ही यूपी सरकार ने बचाव के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. चिड़ियाघरों में मांसाहारी जानवरों के खाने के लिए लाई जाने वाली मुर्गियों को प्रतिबंधित कर दिया गया है. साथ ही अलग-अलग जगहों से चिड़ियों की बीट और उनके रिहायश की मिट्टी को जांच के लिए भेजा जा रहा है.

Arun Mishra

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Sub-Editor of Special Coverage News
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