Top
Begin typing your search...

कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल को जमातियों पर विवादित टिप्पणी करना पड़ा भारी, हुआ तबादला

दिल्ली में लॉकडाउन

कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल को जमातियों पर विवादित टिप्पणी करना पड़ा भारी, हुआ तबादला
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

कानपुर : यूपी के कानपुर में गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज (GSVMC) की प्रिंसिपल आरती लालचंदानी का बुधवार को देर रात तबादला कर दिया गया. अब प्रोफेसर आरती लालचंदानी का लखनऊ ट्रंसफर कर दिया गया है, जहां वो महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा, कार्यालय से सम्बद्ध कर दी जाएंगी. आरती लालचंदान के ट्रांसफर के बाद जीएसवीएमसी के कार्यवाहक प्रिंसिपल पद की जिम्मेदारी डॉ. आरबी कमल को दी गयी है. जब मीडिाय ने आरती लालचंदानी के अचानक हुए ट्रांसफर के बारे में छानबीन की तो पता चला उनका ट्रांसफर एक वायरल वीडियो की वजह से किया गया.

आपको बता दें कि वो इस वीडियो में तबलीगी जमात को लेकर विवादित टिप्पणी कर रहीं थीं. आपको बता दें कि पिछले दिनों इस वीडियो के वायरल होने के बाद मेडिकल कॉलेज से लेकर प्रशासन और उत्तर प्रदेश के शासाधिकारियों में खलबली मच गई थी. आपको बता दें कि पिछले दिनों कानपुर के GSVMC की प्रिंसिपल आरती लालचंदानी का विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुस्लिम संगठनों ने प्रिंसिपल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था.

अधिवक्ता नासिर खान ने डीआईजी को लिखा पत्र

नासिर खान नाम के अधिवक्ता ने डीआईजी को इस वीडियो के विषय में कार्यवाही करने के लिए पत्र लिखा था. इस पत्र में GSVMC की प्राचार्य के खिलाफ अभियोग पंजीकृत करने अनुरोध किया गया था. इसके बाद डीआईजी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए. इस मामले को पूर्व सांसद व सीपीआईएम की नेता सुभाषिनी अली ने भी तूल देते हुए उठाया है. इस मामले को लेकर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से प्राचार्य आरती लालचंदानी को निलंबित करने और उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.

प्रोफेसर को मिली थी सुरक्षा

वहीं प्रोफेसर आरती ने डीआईजी अनंत देव तिवारी को पत्रलिखकर उनसे सुरक्षा की मांग की थी. इस पत्र में उन्होंने लिखा था कि कानपुर के तथाकथित पत्रकार उन्हें तरह-तरह की धमकी दे रहे हैं जिनके खिलाफ उन्होंने मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. प्रोफेसर आरती ने डीआईजी को दिए पत्र में यह भी लिखा था कि उनकी जान को खतरा हो सकता है जिसके लिए उन्हें कानूनी सुरक्षा मुहैय्या करवाई जाए. प्राचार्य आरती के लिखे गए इस पत्र को संज्ञान में लेते हुए उपमहानिरीक्षक ने उनकी सुरक्षा के लिए उनकी सुरक्षा में एक गनर तैनात किया. पुलिस उपमहानिरीक्षक अनंत देव ने बताया चूंकि प्राचार्य का एक को वीडियो वायरल हुआ है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, एक अंगरक्षक उनके साथ सुरक्षा हेतु रहेगा.

Arun Mishra

About author
Sub-Editor of Special Coverage News
Next Story
Share it