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यूपी में पंचायत चुनाव में जानिए वोटिंग के समय किस बात का रखना होगा खास ध्यान, नहीं होतो हो जाएगी बड़ी भूल!

यूपी पंचायत चुनाव में इस बार प्रक्रिया में अहम बदलाव किया है.

यूपी में पंचायत चुनाव में जानिए वोटिंग के समय किस बात का रखना होगा खास ध्यान, नहीं होतो हो जाएगी बड़ी भूल!
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उत्तर प्रदेश में 2015 के मुकाबले इस बार होने जा रहे पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में बड़े बड़े बदलाव किए जा रहे हैं. इस बार सभी 4 पदों के लिए जैसे कि ग्राम पंचायत सदस्य ग्राम प्रधान क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्य के लिए 17 वोटिंग होगी. 2015 में दो 2 पदों के लिए अलग-अलग वोटिंग हुई थी इस बार बदले नियम से आम जनता को बहुत सावधान रहने की जरूरत होगी.

उन्हें यह भी देखना होगा कहीं जरा सी चूक न हो जाए तो पोलिंग बूथ से निकलने के बाद उन्हें अफसोस हो कि उनका वोट सटीक जगह नहीं पड़ा. आपको बता दें कि इस बार वोटिंग के समय मतदाता को 174 बेल्ट पेपर मिलेंगे अर्थात 4 उम्मीदवारों की या तो चुनाव चिन्ह याद रखने होंगे या फिर उनके नाम याद रखने होंगे. लेकिन यह कोई इतना आसान काम नहीं है. क्योंकि पंचायत के चुनाव में चुनाव चिन्ह बिल्कुल नये नये होते हैं. आमतौर पर लोगों को पार्टियों के चुनाव चिन्ह तो याद रहते हैं. जो पंचायत के चुनाव में किसी को नहीं दिए जाते हैं. इस चुनाव में मिलते हैं वह फ्री सिंबल होते हैं.

इस बार ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए एक साथ वोटिंग होगी. इन सभी पदों के लिए वोटर को चार बैलट पेपर दिए जाएंगे. ऐसे में उन्हें चारों उम्मीदवारों के सिंबल या नाम याद रखने होंगे. पिछली बार 2015 में दो बार में चारों पदों के चुनाव हुए थे. पहली बार में ग्राम प्रधानों ग्राम पंचायत का चुनाव हुआ था दूसरी बार में क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत अध्यक्ष के पद का चुनाव हुआ था. एक बार में दोनों को ही वोट देने पड़े थे लेकिन इस बार चार चार उम्मीदवारों को एक बार में वोट देने होंगे.

बहुत से लोग तो वोट देते समय हाथ पर चुनाव चीन लिख कर ले जाया करते हैं. जिससे उन्हें याद रहे कि किसे वोट देना है. आमतौर पर इस चुनाव में ग्राम प्रधान का सिंबल तो सबको याद रहता है लेकिन बाकी 3 पदों के लिए बहुत कम लोगों के लिए यह याददाश्त सही रहती है.

बता दें कि पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों को फ्री सिंबल दिए जाते हैं. चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाते हैं. जो किसी पार्टी को अलग होते हैं यह चुनाव में बदलते रहते हैं. विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में तो एक ही चुनाव चिन्ह साल दर साल कायम रहते हैं. लेकिन पंचायत चुनाव में ऐसा नहीं होता है ऐसे में वोट देने से पहले से अपनी याददाश्त करनी होती है. किस निशान पर वोट देना है नहीं तो कोई और पसंदीदा उम्मीदवार होगा और वोट किसी और को दे आएंगे और जीत कोई और जाएगा.

Shiv Kumar Mishra
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