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महाभारत के लाक्षागृह की होगी खुदाई, एएसआई ने दी खुदाई की मंजूरी

आनंद शुक्ल
2 Nov 2017 11:28 AM IST
महाभारत के लाक्षागृह की होगी खुदाई, एएसआई ने दी खुदाई की मंजूरी
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महाभारत में पांडवों के जिस लाक्षागृह का जिक्र है अब उसे ढूंढने की तैयारियां हो चुकी हैं। सालों के अनुरोध के बाद पुरातत्व विभाग ने उस जगह खुदाई की अनुमति दे दी है जहां पांडवों का लाक्षागृह होने का दावा किया गया है।

मेरठ: पुरातत्वताओं और स्थानीय इतिहासकारों के वर्षों के अनुरोध के बाद आखिरकार भारतीय पुरातत्व विभाग ने आखिरकार उस स्थान की खुदाई की इजाजत दे दी है जहां स्थानीय लोगों के अनुसार महाभारतकालीन 'लाक्षागृह' हो सकता है। यह इलाका उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बरनावा इलाके में है।

महाभारत में पांडवों के जिस लाक्षागृह का जिक्र है अब उसे ढूंढने की तैयारियां हो चुकी हैं। सालों के अनुरोध के बाद पुरातत्व विभाग ने उस जगह खुदाई की अनुमति दे दी है जहां पांडवों का लाक्षागृह होने का दावा किया गया है।

यह जगह यूपी के बागपत जिले के बरनावा में स्थित है। यह वर्णाव्रत का परिववर्तित नाम है जो उन पांच गांवों में शामिल है जिनकी मांग पांडवों ने कोरवों से की थी।

एक अंग्रेजी अखबार के ने अधिकारियो के हवाले से दी खबर के अनुसार महाभारत में कौरवों द्वारा लाख से बनाए लाक्षागृह का जिक्र मिलता है। यह लाक्षागृह कौरवों में पांडवों को जिंदा जलाने के लिए बनाया था लेकिन षडयंत्र की भनक लगने पर पांडवों ने लाक्षागृह के नीचे सुरंग बनाकर ऐन वक्त पर अपनी जान बचाई थी।अधिकारी केके शर्मा ने कहा, ' महाभारत में लाक्षागृह की महत्वपूर्ण भूमिका है। कौरवों ने लाख से एक महल बनाया था। उनकी योजना इस महल में पांडवों के जिंदा जलाने की थी लेकिन पांडव एक सुरंग के जरिए जिंदा बच निकले थे।'

उन्होंने आगे कहा, 'वह महल अब बागपत में स्थित है। इस जगह को अब बरनावा कहा जाता है। दरअसल, बरनावा उन पांच गांवों में से एक वर्णाव्रत का ही परिवर्तित नाम है, जिनकी मांग पांडवों ने कौरवों से की थी।'

हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए पुरात्व विभाग के निदेशक (उत्खनन) जितेंदर नाथ ने कहा, 'प्रस्ताव पर काफी विमर्श करने के बाद हमने दो एएसआई अथॉरिटी को लाइसेंस दिया है। इंस्टिट्यूट ऑफ ऑर्किओलॉजी, लाल किला, नई दिल्ली और हमारा उत्खनन विभाग मिलकर यहां खुदाई करेगा।'

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