Begin typing your search...

चीनी गैंग का असली सरगना डू योंगान पुलिस की पकड़ से दूर, लंबे समय से वीजा एक्सपायर होने के बावजूद अवैध रूप से नोएडा में है मौजूद

चीनी गैंग का असली सरगना डू योंगान पुलिस की पकड़ से दूर, लंबे समय से वीजा एक्सपायर होने के बावजूद अवैध रूप से नोएडा में है मौजूद
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

गौतमबुद्धनगर/ललित पंडित: नोएडा पुलिस द्वारा नोएडा में अवैध रूप से रहकर हवाले का कारोबार चला रहे चीनी घुसपठियों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। लेकिन अभी तक चीनी गैंग के असली सरगना डू योंगान तक पुलिस की जांच नहीं पहुंच पाई है। हमारी टीम को मिले दस्तावेज व जानकारी के मुताबिक चीनी नागरिक डू योंगान लंबे समय से नोएडा व एनसीआर में मौजूद है व अवैध धंधों में शामिल है।

नोएडा में इस इमारत में रहता है डू योंगान

सूत्रों की माने तो चीनी नागरिक डू योंगान ही चीनी गैंग का सरगना है। डू योंगांन रवि कुमार नटवरलाल का बिजनेस पार्टनर भी है। चीन में रविकुमार नटवरलाल की एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान ही सेकंड सेमेस्टर में डू योंगान से मुलाकात हुई थी। इसी दौरान भारत में आकर साथ काम करने संबंधित व अन्य कई अवैध कार्यों संबंधित डील डू योंगांन द्वारा रविकुमार नटवरलाल से की गई थी। चीनी नागरिकों व नोएडा पुलिस के कर्मियों के बीच रविकुमार नटवरलाल डॉक्टर के नाम से मशहूर था। डू योंगांन के दस्तावेज से मिली जानकारी के आधार पर डू योंगांन को दिल्ली व चेन्नई का वीजा दिया गया था जिसकी समय अवधि समाप्त हो चुकी है। वीजा की समयावधि समाप्त होने के बावजूद डू योंगांन लंबे समय से नोएडा में अवैध रूप से रहते हुए अवैध कार्यों में लिप्त है।

2 वर्ष पूर्व तक इस इमारत में चीनियों ने बनाया था अय्याशी का अड्डा

सूत्र बताते है कि डू योंगांन के इशारे पर ही नोएडा की कई चीनी कंपनियों में खाने की कैंटीन का ठेका डू योंगान के करीबियों को दिया गया है। सूत्रों की माने तो घरबरा गांव में बने अय्याशी के अड्डे जैसा ही एक अड्डा सेक्टर 92 नोएडा में 2 वर्ष पहले तक संचालित किया जाता रहा है। उक्त सेक्टर 92 नोएडा के अड्डे का रेंट एग्रीमेंट रविकुमार नटवरलाल के नाम पर था। जिसको डू योंगांन के निर्देश पर रविकुमार नटवरलाल द्वारा तैयार किया गया था।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार डू योंगांन FRRO नोएडा कार्यालय में तैनात 2 पुलिसकर्मियों से लगातार संपर्क में था। सूत्रों के द्वारा FRRO कार्यालय में तैनात कर्मियों के साथ मिल अवैध कारोबार में भी संलिप्तता की जानकारी साझा की गई है। डू योंगांन के नोएडा में रहने के दौरान कई स्थानों पर रोब जमाने हेतु डू योंगांन नोएडा पुलिस में तैनात एक पुलिसकर्मी(हेड कांस्टेबल) को बावर्दी अपने साथ ले जाया करता हैं। खबर लिखे जाने के समय डू योंगांन अपने 3 दिवसीय दौरे पर चेन्नई गया हुआ है। सूत्रों के द्वारा गुरुवार को वापस नोएडा पहुंचने की जानकारी हमारी टीम को साझा की गई है।

Shiv Kumar Mishra
Next Story
Share it