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नॉएडा: एसपी सिटी ने किया ढाई साल पुराने मर्डर का खुलासा, पत्नी निकली हत्यारिन

नॉएडा: एसपी सिटी ने किया ढाई साल पुराने मर्डर का खुलासा, पत्नी निकली हत्यारिन
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नॉएडा पुलिस ने ढाई साल पुराने हत्याकांड का खुलासा किया.
अब से करीब डेढ़ साल पहले नोएडा के थाना फेज़-2 क्षेत्र में सेक्टर 82 के पीछे पॉकेट 12 गंदे नाले की पुलिया के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था, जिसका अब पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घटना की जांच में पता चला था कि 2015 के दिसंबर माह में जिला हमीरपुर के रहने वाले शिव शरण द्विवेदी, जो नोएडा के सेक्टर-39 थाना क्षेत्र के सलारपुर में रह रहे थे, का पहले अपहरण किया गया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। लगभग डेढ़ साल बाद पुलिस ने इस मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है।
क्या था मामला
इस मामले में पुलिस ने मृतक मिंटू की पत्नी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। मिंटू की पत्नी की गिरफ्तारी के साथ ही इस बात का खुलासा हुआ है कि हत्या के पीछे की वजह अवैध संबंध थे। मृतक मिंटू की पत्नी को पुलिस ने आज उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह किसी साथी के साथ जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इस दौरान उसके साथ मोटरसाइकिल पर खड़ा व्यक्ति भाग गया। पुलिस पूछताछ में कांति ने बताया कि इसके अपने चचेरे जीजा के साथ नाजायज तालुकात थे। कांति ने कबूल किया कि उन दोनों के बीच शादी से पहले से ही नाजायज तालुकात थे, जो शादी के बाद भी जारी थे। कांति की गिरफ्तारी के समय फरार हुआ शख्स उनका चचेरा जीजा आलोक दीक्षित ही था। कांति ने पूछताछ में बताया कि उनका चचेरा जीजा सलारपुर में एक सिक्योरिटी एजेंसी चलाता था। उसके बुलाने पर कांति अपने पति मिंटू को समझा-बुझाकर अपने दोनों बच्चों को साथ लेकर सलारपुर आ गई। यहाँ आलोक ने उसे 15 सौ रुपए में सलारपुर में कमरा दिला दिया और मिंटू अपनी सिक्योरिटी एजेंसी में रात की ड्यूटी लगा दी। इसी बीच एक दिन मिंटू ने अपनी पत्नी वालों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया तो गुस्से में उसने आलोक को चांटा मार दिया वह जान से मारने की धमकी दी व पुलिस में शिकायत करने की बात भी कही।
मिंटू शराब पीने का आदी था, लिहाज़ा आलोक ने अपने बचपन के दोस्त व सिक्योरिटी एजेंसी के मैनेजर जितेंद्र कुमार शुक्ला को मिंटू के पास शराब लेकर भेजा वह समझा बुझाकर मिंटू की आलोक से बात कराई। इसके साथ ही कांति व आलोक ने जितेंद्र के साथ मिलकर मिंटू को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसी के तहत दिनांक 13 दिसंबर 2015 को आलोक व जितेंद्र ने मिंटू के साथ बैठकर उसके कमरे पर शराब पी और नौकरी लगवाने के बहाने अपनी मोटरसाइकिल पर लेकर गया।
इस दौरान मिंटू के हाथ प्लास्टिक की रस्सी से बांध दिया गया वह गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी गई। फिर लाश को पॉकेट 12 गंदे नाले पुलिया के पास फेंक दिया गया व लौटकर कांति को मिंटू के मारने की जानकारी दी। योजना के अनुसार अगले दिन आलोक कांति को लेकर मिंटू की फोटो के साथ सेक्टर 94 नोएडा मोर्चरी गया परंतु तब तक मिंटू की डेड बॉडी वहां नहीं पहुंची थी। उसके बाद आलोक व जितेंद्र मोर्चरी जा कर यह सुनिश्चित करते रहे कि मिंटू का अंतिम संस्कार हुआ कि नहीं, क्योंकि उन्हें अंदर से डर था कि लाश देखकर कांति कहीं राज ना खोल दे। अंतिम संस्कार के पश्चात इन्हीं लोगों ने कांति को मिंटू की गुमशुदगी लिखाने थाना सेक्टर-39 भेजा, ताकि किसी को इन लोगों पर कोई शक ना हो। इस मामले में कांति से पूछताछ के बाद घटना में शामिल जितेंद्र शुक्ला को भी गिरफ्तार किया गया। मामले के एक अन्य आरोपी आलोक दीक्षित की तलाश जारी है।
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