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नॉएडा में प्रीमिया बिल्डर कंपनी करोड़ों रूपये लेकर फरार, पीड़ित सडकों पर, पुलिस नहीं सुन रही बात

नॉएडा में प्रीमिया बिल्डर कंपनी करोड़ों रूपये लेकर फरार, पीड़ित सडकों पर, पुलिस नहीं सुन रही बात
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नॉएडा में प्रापर्टी की बड़ी कम्पनियों ने हजारों निवेशकों का कई करोड़ रूपया डुबो दिया.

नॉएडा में प्रापर्टी की बड़ी कम्पनियों ने हजारों निवेशकों का कई करोड़ रूपया डुबो दिया. प्रदेश में जब योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कमान सम्भाली तो लगा कि पीड़ित खरीददार को कुछ न्याय जरुर मिलेगा. लेकिन न्याय तो तब मिलेगा जब नॉएडा प्रसाशन और पुलिस उस कंपनी मालिक का पता भी नहीं लगा पाई. अपनी मेहनत की कमाई से पाई पाई जोड़कर अपना रहने का आशियाना खरीदने वाले अब तो न्याय की उम्मीद भी छोड़ चुके है. हाँ इतना जरुर है कि इनके भूखों मरने के दिन जरुर आ गये है.




नॉएडा में मेसर्स सोलियटेयर इन्फोमीडिया प्राइवेट लिमिटेड और उस कंपनी की अंशधारक कंपनी मैसर्स प्रीमिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड नामक दोनों कम्पनियों ने के प्रोजेक्ट डाला. ग्राहकों को खूब लुभावने वादे देकर मालिक तरुण शीन ने कई करोड़ रूपये लेकर चम्पत हो गये. घटना के पीड़ित लोंगों ने जाकर नॉएडा के थाने सेक्टर 20 में 16 जुलाई को अपराध संख्या 0781 पर उक्त कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की. लेकिन रिपोर्ट रिपोर्ट बनकर ही रह गई. मौजूदा थानाध्यक्ष अनिलकुमार शाही ने अब तक इस रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही नहीं की. जबकि सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ के बिल्डरों को लेकर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश है.



वहीँ इस बिल्डर के खिलाफ नॉएडा विकास प्राधिकरण द्वारा भी एक रिपोर्ट 18 जुलाई अपराध संख्य 266 पर दर्ज कराइ गई. अगर जनता की बात को मत सुनते लेकिन प्रसाशनिक रिपोर्ट पर भी जरा सी जूं कान पर नहीं रेंगी. इस मामले की जानकारी पीड़ितों ने दी तो सभी फफक फफक कर रोने लगे. बोले अब न्याय की उम्मीद तो नहीं की जा सकती जब एक साल में अब तक जांच की रिपोर्ट भी नहीं मिली है. बिल्डर धीरे धीरे अपना सब कुछ समेट कर लापता है. और खरीददार सडकों पर घूमता फिरता ढूंढ रहा है. उसे अब अपना पैसा डूबता नजर आ रहा है.


सरकार ने जब कंपनी की आर्थिक स्तिथि ठीक नहीं थी तो प्लाट आवंटन क्यों किया. अब उसके प्लाट के आवंटन की क्या स्तिथि है ग्राहक को कोई जानकारी नहीं है. लेकिन करोड़ो रूपये हडपकर भागने वाली कंपनी को आज तक नहीं ढूंढा जा सका. जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह ने भी इसकी जांच के लिए लिखा और सेक्टर 20 थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि उक्त केस विवेचना गुण दोष के आधार पर शीघ्र कराये. यह आदेश उन्होंने तब यह रिपोर्ट दर्ज हो सकी. कार्यवाही की उम्मीद में अब पीड़ित की आंखे भी धुंधलाने लगी है.


पीड़ितों ने बताया कि कंपनी मालिक कई करोड़ रूपये लेकर फरार है. न तो अब नॉएडा स्तिथ ऑफिस खुलता है न ही कोई संपर्क होता है. किसी के पास जाने पर कोई जबाब भी नहीं मिलता है. आखिर हमारा पैसा भी मिलेगा या नहीं संदेह के घेरे में है. जबकि हमने जीवन की कमाई से यह घर और कामर्सियल प्रोजेक्ट खरीदा था.


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