नोएडा

आयुष्मान भारत योजना के तहत बनने वाले गोल्डन कार्ड पर भी अब उठने लगे सवाल, प्रदेश सरकार ने 120 गोल्डन कार्डों को बताया संदिग्ध

Shiv Kumar Mishra
20 Jan 2020 9:02 AM IST
आयुष्मान भारत योजना के तहत बनने वाले गोल्डन कार्ड पर भी अब उठने लगे सवाल, प्रदेश सरकार ने 120 गोल्डन कार्डों को बताया संदिग्ध
x

धीरेन्द्र अवाना

नोएडा। कैंद्र सरकार के द्वारा वर्ष 2018 में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना 'आयुष्मान भारत योजना' की घोषणा की थी।इस योजना के तहत भारत के 10 करोड़ परिवारों को ₹500000 सालाना हेल्थ कवरेज देने का उद्देश्य सुनिश्चित किया गया है। इस योजना से बहुत से लोग लाभान्वित भी हुये लेकिन इसका दूसरा पहलू देखा जाये तो इस योजना दुरउपयोग अब शुरु हो गया।

इस बात पता तब चला जब शासन द्वारा एक पत्र सीएमओ गौतमबुद्ध नगर को भेजा गया।जिसमें 120 संदिग्ध गोल्डन कार्ड के बारे जिक्र किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुये सीएमओ डॉ.अनुराग भार्गव ने मामले की जांच आयुष्मान भारत योजना के कोऑर्डिनेटर को सौप दी है। अब सवाल ये उठता है कि जांच में कौन आरोपी पाये जाते है और उनपर क्या कारवाई होती है।वैसे ये तो सब जानते है कि स्वास्थ विभाग में कितनी शियाकते आती है और कितनी पर कारवाई होती है।

लेकिन ये कैसी विड़बना है कि एक तरफ तो विभाग ये कहता है कि आयुष्मान भारत योजना का गोल्डन कार्ड उसी व्यक्ति का बनेगा जो सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना(SECC)2011 के डेटाबेस में सूचीबद्ध है। दूसरी ओर संदिग्ध गोल्डन कार्ड उन्हीं के कार्यलय में बन रहे है।क्या ऐसा हो सकता है कि विभाग इससे अंजान हो।अब देखना ये है कि विभाग इस विषय में क्या कारवाई करता है।

आपको बता दें कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले में आयुष्मान योजना के करीब 35,000 लाभार्थी परिवार है।जिनका मुफ्त उपचार करीब 37 सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में किया जाता है।सूत्रों की माने तो जिले में अभी तक करीब 29,000 गोल्डनकार्ड बन चुके हैं। जिनका सत्यापन लखनऊ में किया गया था। जिसमें 120 गोल्डन कार्ड संदिग्ध पाए गए।शासन ने सीएमओ को इसके लिए पत्र जारी कर रिपोर्ट मांगी है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव ने मामले की जांच आयुष्मान कोऑर्डिनेटर डॉ.अजय कुमार को सौंपी है। सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव का कहना है कि गोल्डनकार्ड में परिवार के लोगों के नाम व पते गलत बताए जा रहे हैं,उनका जल्द ही सत्यापन कराकर शासन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

Next Story