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मरीज तक खाना पहुंचाने की कीमत 100 रुपये

मरीज तक खाना पहुंचाने की कीमत 100 रुपये
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प्रयागराज। कोरोना महामारी से जिनके अपने जूझ रहे हैं उनके परिजनों पर दोहरी मार पड़ रही है। दिल हर वक्त इसी बात से बैठा जा रहा है कि महामारी से उबर पाएंगे या नहीं, वहीं अस्पताल प्रशासन सारी मानवताएं भूल चुका है। निजी अस्पतालों में लंबी चौड़ी रकम ऐंठने के बाद लोगों को बेड दिया जा रहा है। इसके साथ ही भोजन बेड तक पहुंच सके इसलिए कर्मचारी परिजनों से रुपये ऐंठ रहे हैं।

शहर के एक बड़े अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों ने बताया कि शुरुआती दो दिन तो उनके मरीज को अस्पताल प्रशासन की ओर से भोजन नहीं मिला। फोन पर बात हुई तो इसकी जानकारी हुई। घर से जल्दी-जल्दी भोजन तैयार कराया तो अस्पताल के अंदर मरीज तक कोई टिफिन पहुंचाने को तैयार नहीं था। फिर अस्पताल के कर्मचारी के हाथ में 100 रुपये रखे तो उसने भोजन पहुंचाया।

यही नहीं जिला प्रशासन में तैनात एक कर्मचारी ने बताया कि डॉक्टर दिन में एक बार देखने जाते हैं और नर्स दिन में दो बार। इसके बाद मरीज का हाल लेने वाला कोई नहीं। अगर मोबाइल का नेटवर्क नहीं मिलता तो कई बार दिल बैठ जाता है।तो इस तरीके से सिस्टम काम कर रहा है कोरोना मरीजो के लिए, मानवता नाम की कोई चीज नहीं बची,अगर है तो वो की इस दुख भरे संकट की घड़ी में धन उगाही कैसे की जाये l

रिपोर्ट :-नितिन द्विवेदी, प्रयागराज l

Shiv Kumar Mishra
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