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पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केसरी देवी पटेल को बीजेपी ने फूलपुर से दिया टिकट, इस जाति में है मजबूत पकड़

केसरी देवी पटेल इसके पहले भी फूलपुर और इलाहाबाद लोकसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं ।

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शशांक मिश्रा

प्रयागराज : कई प्रधानमंत्री देने वाली प्रयागराज की फूलपुर लोकसभा सीट पर काफी कयासों के बाद आज कांग्रेस के बाद भाजपा ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पिछले कई दिनों से अटकलों के बाजार गर्म थे कई नेतागण पिछले कई दिनों से दिल्ली में जमे हुए थे और वहीं से स्वयं को मजबूत प्रत्याशी के रूप में पेश कर रहे थे!फूलपुर सीट पर सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या और उनके बेटे को प्रबल दावेदार माना जा रहा था। इसी बीच कांग्रेस ने पंकज निरंजन को उम्मीदवार बना कर केशव की गणित बिगाड़ दी थी। तब से यह माना जा रहा था की केशरी देवी पटेल भाजपा का चेहरा हो सकती है।

केशरी देवी के अलावा प्रतापपुर विधायक प्रवीण पटेल और उनकी पत्नी गोल्डी पटेल का भी नाम चर्चा में था लेकिन सबसे मजबूत केशरी देवी पटेल को माना जा रहा था। केसरी देवी पटेल इसके पहले भी फूलपुर और इलाहाबाद लोकसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं । 1998 में भाजपा नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी और 2004 में फूलपुर से बाहुबली अतीक अहमद के खिलाफ बसपा के टिकट पर उम्मीदवार थी। 2014 लोकसभा में फूलपुर सीट पर केशव प्रसाद ने पहली बार कमल खिलाया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा को सीट पर मजबूत चेहरे की तलाश थी।

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केशरी देवी पटेल 2004 में भारतीय जनता पार्टी छोड़कर बसपा में गई और 2017 तक पूरा कुनबा बसपा में रहा लेकिन मोदी लहर में विधानसभा चुनाव में भाजपा में वापसी की। केशरी देवी पटेल ने बहुजन समाज पार्टी ने इन्हें फूलपुर से अतीक अहमद के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा था । इस चुनाव में केशरी देवी पटेल 2 लाख 35 हजार वोट पाकर दूसरे स्थान पर रही। केशरी देवी चार बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी है।

चार बार रही जिलापंचायत अध्यक्ष

केसरी देवी का पटेल वोट बैंक बहुत मजबूत माना जाता है। वहीं जातीय समीकरण की अगर बात करें तो फूलपुर संसदीय सीट पर में जातीय आधार पर ढाई लाख यादव मतदाता ढ़ाई लाख मुस्लिम दो लाख कुर्मी तीन लाख दलित डेढ़ लाख ब्राह्मण पचास हजार ठाकुर मतदाता डेढ़ लाख वैश्य डेढ़ लाख बिंद और निषाद दो लाख प्रजापति और विश्वकर्मा एक लाख कायस्थए एक लाख मौर्या और कुशवाहा के साथ ही 75 हजार बंगाली और ईसाई मतदाता हैं।जातीय समीकरण को भी बेहतरीन तरीके से साधते हुए केसरी देवी को उम्मीदवार बनाया गया है!अभी तक सपा बसपा गठबंधन की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा नही की गई है!

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