Top
Begin typing your search...

उत्तर प्रदेश की 120 चीनी मिलों पर 11473 करोड रुपए गन्ना भुगतान व 10 हजार करोड रुपए ब्याज बकाया है - भगत सिंह वर्मा

उत्तर प्रदेश की 120 चीनी मिलों पर 11473 करोड रुपए गन्ना भुगतान व 10 हजार करोड रुपए ब्याज बकाया है - भगत सिंह वर्मा
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

सहारनपुर- आज यहां दिल्ली रोड इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में मुक्ति मोर्चा कार्यालय पर पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा की बैठक को संबोधित करते हुए पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 120 चीनी मिलों पर गन्ना सीजन 2020-21 का गन्ना भुगतान 11473 करोड रुपए व पिछले वर्षों में देरी से किए गए गन्ना भुगतान पर लगा ब्याज 10 हजार करोड रुपए बकाया है। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार चुप्पी साधे बैठी है सरकार को आर्थिक संकट से घिरे हुए प्रदेश के गन्ना किसानों की कोई चिंता नहीं है। प्रदेश की योगी सरकार चीनी मिल मालिकों के दबाव में कार्य कर रही है और मिल मालिकों से मिली हुई है।

प्रदेश के गन्ना किसानों का चीनी मिल मालिक व सरकार लगातार शोषण कर रही है। प्रदेश के चीनी मिल गन्ना किसानों से गन्ना उधार लेकर करोड़ों रुपए कमा रहे हैं और कराज बंद गन्ना किसानों को भारत सरकार के नियम के अनुसार 14 दिन के अंदर गन्ने का भुगतान नहीं कर रहे हैं जिसके लिए प्रदेश व केंद्र सरकार सीधे-सीधे जिम्मेदार हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि गन्ने से प्रदेशो व देश को प्रतिवर्ष लाखों करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त होता है इस सब के बावजूद भी गन्ना किसानों को उसके गन्ने का लाभकारी मूल्य तो दूर लागत मूल्य भी सरकार नहीं दिला पा रही है जिसके कारण प्रदेश व देश के गन्ना किसान सबसे अधिक कर्ज में डूब गए हैं सरकार की गलत नीति के कारण चीनी मिलें गन्ना किसानों को न समय से भुगतान कर रही हैं और ना ही गन्ना किसानों को ब्याज का भुगतान कर रही हैं।

भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पिछले 4 वर्ष से भाजपा की योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में गन्ने का एक रुपए कुंतल भी रेट नहीं बढ़ाया है जबकि गन्ने पर लागत लगातार बढ़ती जा रही है। प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी कह रहे हैं कि 2020 में किसानों की आय दोगुनी कर देंगे जबकि किसानों की आय आधी हो गई है और किसानों के सामने भारी आर्थिक संकट पैदा हो गया है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि शुगर कंट्रोल ऑर्डर 1966 के अनुसार जो चीनी मिलें गन्ना किसानों को 14 दिन के अंदर गन्ने का भुगतान नहीं करती है उन्हें 15% वार्षिक दर से गन्ना किसानों को ब्याज का भुगतान करना चाहिए। लेकिन सरकार चीनी मिल मालिकों से मिलकर गन्ना किसानों को ब्याज का भुगतान नहीं करा रही है। चुनाव से पहले भाजपा के नेताओं ने कहा था कि हम 14 दिन के अंदर गन्ना किसानों को गन्ने का भुगतान दिलाएंगे लेकिन चीनी मिलों से 14 महीने के बाद भी गन्ने का भुगतान नहीं हो पा रहा है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि सहारनपुर मंडल की 17 चीनी मिलों पर 2656 करोड रुपए गन्ना भुगतान हुए पंद्रह सौ करोड रुपए ब्याज बकाया हो गया है।

सहारनपुर जिले की 6 चीनी मिलों पर 754 करोड रुपए गन्ना भुगतान व 500 करोड रुपए ब्याज बकाया हो गया है। जिसमें सहारनपुर जिले की गांगनौली बजाज चीनी मिल पर सबसे अधिक गन्ना भुगतान 245 करोड रुपए व ब्याज 125 करोड़ रुपए बकाया है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि कोलू चरखी ओ में इस बार₹425 कुंटल तक गन्ना खरीद किया है। जबकि प्रदेश की चीनी मिलें ₹325 कुंटल का भी गन्ना भुगतान समय से नहीं कर रही है जबकि चीनी मिलों में इस बार 12% से 14% तक चीनी की रिकवरी आई है। कोलू चरखी ओ में इतनी रिकवरी गुड़ की आती है इसके बावजूद भी कोलहु चरखीयो ने लाभ कमाया है। प्रदेश की एक एक चीनी मिल ने 100 करोड रुपए से लेकर 200 करोड़ रुपए तक इस बार लाभ कमाया है फिर भी गन्ना भुगतान न करना गन्ना किसानों के साथ सरासर अन्याय है।

भगत सिंह वर्मा ने कहा कि गन्ना किसानों की गंभीर हालत को देखते हुए गन्ने पर भारी लागत पर विचार करते हुए इस बार प्रदेश सरकार गन्ने का लाभकारी रेट ₹600 कुंटल तत्काल घोषित करें। अन्यथा प्रदेश के गन्ना किसान 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को उखाड़ फेंकने का काम करेंगे। भगत सिंह वर्मा ने चीनी मिल मालिकों व प्रदेश सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तुरंत चीनी मिलों से गन्ना भुगतान व ब्याज का भुगतान न कराया गया और गन्ने का लाभकारी रेट ₹600 कुंटल तत्काल घोषित नहीं किया गया तो इस बार प्रदेश का गन्ना किसान दिल्ली की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में बड़ा आंदोलन करेगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष पंडित नीरज कपिल ने कहा कि भाजपा की प्रदेश और केंद्र सरकार किसान विरोधी है। और योगी सरकार ने प्रदेश के गन्ना किसानों को बर्बाद करके रख दिया है और गन्ना किसानों को सरकार चीनी मिलों से खोए के बराबर भी दाम नहीं दिला रही है जबकि गन्ने से अल्कोहल व अल्कोहल से शराब सहित सैनिटाइजर जैसे हजारों उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं जिनसे सरकार प्रति वर्ष हजारों करोड रुपए राजस्व प्राप्त कर रही है।

बैठक का संचालन करते हुए पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री आसिम मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी जी हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा से वार्ता करके गन्ने का लाभकारी रेट ₹600 कुंटल प्रदेश के गन्ना किसानों को दिलाने का काम करें। जब 1967 से और अब तक प्राइमरी स्कूल के अध्यापकों की नौकरी 1000 गुना बढ़ सकती है तो गन्ने का रेट 50 गुना क्यों नहीं बढ़ सकता है। आसिम मलिक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी व प्रधानमंत्री मोदी जी से मांग करते हुए कहा कि गन्ने में हो रही लूट पर सरकारें श्वेत पत्र जारी करें। और कर्ज बंद गन्ना किसानों को गन्ना भुगतान व ब्याज और लाभकारी रेट दिलाने का काम करें। बैठक में वीरेंद्र सिंह बिल्लू विनोद सैनी नीरज सैनी प्रधान नवीन कुमार रोड अनिल कुमार जतिन कुमार नरेश कुमार एडवोकेट अजीत सिंह प्रधान डॉक्टर यशपाल त्यागी डॉ सुरेंद्र सिंह सरदार रविंद्र सिंह सुधीर चौधरी हाजी सुलेमान मोहम्मद याकूब मोहम्मद इस्लाम हाजी बुद्धू हसन महबूब हसन डॉक्टर मोहम्मद अरशद मोहम्मद इकराम जोगेंद्र सिंह सचिन कुमार शुभम कुमार आदि ने भाग लिया।

Shiv Kumar Mishra
Next Story
Share it