Begin typing your search...

सीएमएस पर नर्सो ने लगाए कई गंभीर आरोप, मामला पहुंचा डीएम कार्यालय तक,मचा हंगामा

सीएमएस पर नर्सो ने लगाए कई गंभीर आरोप, मामला पहुंचा डीएम कार्यालय तक,मचा हंगामा
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

सुलतानपुर के जिला अस्पताल में तैनात नर्सों द्वारा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पर छेड़खानी, शोषण और अभद्रता करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग में इस तरह के कारनामे से हड़कम्प मचा हुआ है। दिलचस्प बात तो ये हैं कि आज जिलाधिकारी कार्यालय में जहां नर्स खुलेआम हंगामा किया और चिल्ला चिल्ला कर सीएमएस पर आरोप लगाया तो वहीं आरोपी सीएमएस पूरे मामले को सिरे से ही खारिज कर रहे हैं और पूरे मामले से ही पल्ला झाड़ रहे हैं। फिलहाल जिलाधिकारी ने दो पक्षों को सुनने के बाद एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर जांच के आदेश दे दिये हैं।

ये नजारा है जिलाधिकारी कार्यालय का। जहां हंगामा कर रही ये महिलायें जिला चिकित्सालय में नर्स के पद पर तैनात थी। लेकिन आज इनका गुस्सा सांतवे आसमान पर है। दरअसल इसी चिकित्सालय में तैनात सीएमएस डा बी बी सिंह की कारगुजारी से ये नर्सें परेशान थी। इनका आरोप है कि सीएमएस बी बी सिंह न सिर्फ बीबी सिंह अस्पताल की नर्सों के साथ छेड़खानी, शोषण और अभद्रता करते हैं बल्कि अपने निजी अस्पताल गीता हास्पिटल में मरीज भेजने और बाहर से दवायें लिखने का दबाव बनाते हैं। जो इनकी बातें नहीं सुनता है उनके साथ ये बुरा बर्ताव करते हैं। इन नर्सों ने आरोप लगाया कि सीएमएस बीबी सिंह ने मुख्यमंत्री के फर्जी हस्ताक्षर बनवाकर इनकी सेवा भी समाप्त करवा दी गयी। लिहाजा आज जिलाधिकारी से मिलकर इन्होंने न्याय की गोहार लगाई है। इन नर्सों के क्या क्या आरोप हैं ...........

जिलाधिकारी से मिलने के बाद बाहर निकले सीएमएस बीबी सिंह पहले तो इस तरह की कोई घटना होने से ही इन्कार करने लगे। बाद में इन्होंने पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया। इनका कहना है कि जिस कम्पनी के तहत इन्हें रखा गया था उसी ने ही उन्हें निलम्बित कर दिया गया है। इनका व्यवहार भी मरीजों और डाक्टरों के साथ सही नहीं था लिहाजा इन पर कार्यवाही हुई है । और उसी से बचने के लिये ये लोग इनके ऊपर आरोप लगा रही हैं।

वहीं इस मामले में जिलाधिकारी विवेक कुमार ने कहा कि जिला चिकित्सालय से निकाले जाने के बाद ये नर्सें मुख्यमंत्री के जनता दरबार में गयी थी, जहां से उन्हें जांच कर आवश्यक कार्यवाही के लिये कहा गया है। फिलहाल पूरे मामले को गम्भीरता को देखते हुये मामले की अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर दिया है और जांच के आदेश दे दिये हैं।जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी।

Special Coverage News
Next Story
Share it