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सुल्तानपुर में अल्पिका सफाई के नाम पर एक बड़ा घोटाला

सुल्तानपुर में अल्पिका सफाई के नाम पर एक बड़ा घोटाला
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सुल्तानपुर में अल्पिका सफाई के नाम पर बड़े घोटाले की बू नजर आ रही है। जिस अल्पिका की सफाई दिखाकर मनरेगा और सिचाई विभाग ने पैसे खारिज कर लिए, हकीकत में वो सफाई सीडीओ को निरीक्षण के दौरान नजर ही नही आई। लिहाजा दोनों विभागों को पत्र भेजकर सीडीओ द्वारा नहर के सिल्ट सफाई के जांच के आदेश देने के बाद हड़कम्प मचा हुआ है। जांच में अगर सफाई पाई गई तो दोनों विभागों से पैसों की रिकवरी होगी और सिल्ट सफाई नही हुई तो कठोर कार्यवाही की बात उनके द्वारा करवाई जा रही है।

दरअसल ये मामला है धनपतगंज ब्लाक के नरायनपुर गांव का। इसी गांव में जिले की समानांतर शाखा से नरायनपुर अलपिका निकली है जो करीब 4 किलोमीटर लंबी है। सिचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता पंकज गौतम की माने तो अभी हाल में ही बीते नवम्बर दिसंबर में सिचाई विभाग द्वारा करीब 98 हज़ार रुपयों की लागत से इसकी सिल्ट सफाई करवाई गई थी।

हैरानी की बात तो ये है कि जिस अल्पिका की सफाई की बात सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता बता रहे हैं उसी की सिल्ट सफाई जून जुलाई में मनरेगा द्वारा कराये जाने की बात कही जा रही है। जिसमें एक लाख 39 हज़ार आठ सौ छानबे रुपयों का खर्च दिखाया गया था। ऐसे में एक ही नहर की दो बार सफाई दिखाकर यहां खेल कर लिया गया।

लेकिन असली खबर तो ये है कि जब दो दिन पूर्व मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स ने इस अल्पिका का निरीक्षण किया तो यहां अल्पिमका की सफाई नजर ही नही आई। ऐसे में दोनों विभागों द्वारा कहीं न कही केवल कागजो में ही सिल्ट सफाई दिखाकर पैसे खरिज कर लिए गए। लिहाजा सिचाई विभाग और डीसी मनरेगा को पत्र भेजकर सीडीओ अतुल वत्स द्वारा जांच के आदेश देने के बाद हड़कम्प मचा हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर कार्य हुआ है तो कटौती की जाएगी और अगर कार्य नही हुआ तो कठोर कार्यवाही की बात सीडीओ अतुल वत्स द्वारा कही जा रही है।

Shiv Kumar Mishra
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