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सुल्तानपुर में दोस्त ने ही दिया दोस्त को धोखा, सीएम योगी पहुंचे देखने!

सुल्तानपुर में दोस्त ने ही दिया दोस्त को धोखा, सीएम योगी पहुंचे देखने!
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उत्तर प्रदेश जनसंख्या के हिसाब से देश के सबसे बड़े प्रदेश के रूप में जाना जाता है। जिसमें अक्सर कुछ ऐसे मामले सामने आते है जिन्हें सुनकर या देखकर मन जरुर द्रवित हो जाता है, यानी हमारे यहाँ इस तरह के कलियुगी इंसानों को भी तरजीह मिलती है। जहाँ दोस्ती के रिश्ते की मिशाल पेश की जाती हो वहीं दोस्त ही दोस्त को धोखा दे दे तो क्या गुजरेगी उसके दिल पर यह तो बेहतर वही जानता है। इस तरह की दोस्ती में धोखा देने का मामला अब यूपी के सुल्तानपुर जिले से सामने आया है।

सुलतानपुर में 50 लाख की फिरौती के लिये अपहरण किये गये दो सगे भाइयों के मामले में आखिरकार पुलिस को 12 घंटे के भीतर ही सफलता मिल ही गयी। देर रात पुलिस ने घटना में शामिल घर के नौकर समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस घटना में पुलिस के पहुंचने से पहले ही अपहरणकर्ताओं ने एक बच्चे को मौत के घाट उतार दिया था, तो वहीं दूसरे बच्चा जिंदगी और मौत से जूझ रहा है, जिसे इलाज के लिये लखनऊ ट्रामा सेंटर भेजा गया है। पुलिस के साथ अपहरणकर्ताओं से हुई मुठभेड़ में एक बदमाश भी घायल हुआ है जिसे इलाज के लिये लखनऊ भेजा गया है।

दरअसल आप को बताते चलें कि गुरुवार की दोपहर गोसांईगंज थानाक्षेत्र के कटका स्थित सरस्वती विद्यालय में यहीं के रहने वाले राकेश अग्रहरि के दो बेटे दिव्यांश और श्रेयांश पढ़ते थे। घर का नौकर रघुवर यादव ही बच्चों को स्कूल ले जाने और ले आने का काम करता था। जो कि नौकर और मालिक दोनो साथ साथ रहे और पढ़े लिखे थे। लेकिन कल दोपहर जब नौकर रघुवर बच्चों को लाने के लिये स्कूल गया तो बच्चे वहां नहीं मिले। जिसकी सूचना उसने राकेश मालिक को दी। आनन फानन राकेश गोसांईगंज के द्वारिकागंज चौकी पहुंचे और पूरे मामले से पुलिस को अवगत कराया। थोड़ी ही देर बाद राकेश के मोबाइल पर बदमाशों ने बच्चों को छोड़ने के एवज में 50 लाख की फिरौती मांगी।


फिरौती की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मच गया। आनन फानन पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की तफ्शीश शुरु कर दी। खुद पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स मामले की निगरानी कर रहे थे। बाद में शक की आधार पर जब नौकर रघुवर यादव से कड़ाई से पूंछतांछ की गयी तो उसके घटना की साजिश का खुलासा कर दिया। पुलिस की माने तो अपहरणकर्ताओं से घर के नौकेर रघुवर ने ही बच्चों की मुलाकात अपने साथियों से करवाई थी और छुटेटी के बाद उन्ही के साथ वापस जाने की सलाह दी थी। रघुवर की ही निशानदेही पर पुलिस ने देर रात नगर कोतवाली के करौंदिया मोहल्ले स्थित एक सुनसान इलाके में बने घर में छापा मारा तो उनके होश उड़ गये। पुलिस को आता देख वहां हड़कम्प मच गया और सभी बदमाश फरार होने लगे।


पुलिस ने तत्परता दिखाते हुये दो लोगों के मौके से ही पकड़ लिया जबकि एक बदमाश मौके से फरार होने लगा। बाद में पुलिस ने उसे देहात कोतवाली क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान उसे भी पकड़ लिया। हालांकि पुलिस मुठभेड़ में वह बदमाश गम्भीर रुप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिये लखनऊ रेफर किया गया है। वहीं करौंदिया स्थित घर में जो मामला दिखा वह चौंकाने वाला था। बदमाशों ने श्रेयांश और दिव्यांश को एक बोरे में भर कर रखा था। वहीं पुलिस के पहुंचने से पहले बदमाशों ने राकेश के छोटे बच्चे पर फावड़े से वार कर उसकी हत्या कर दी थी, जबकि दूसरा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। आनन फानन में दूसरे बच्चे को पुलिस ने इलाज के लिये लखनऊ रेफर करवाया जहां उसका इलाज किया जा रहा है।

दो बच्चों का अपहरण कर हत्या व 50 लाख रुपये की फिरौती की खबर देख घायल बच्चे को देखने यूपी सीएम आदित्यनाथ योगी लखनऊ ट्रामा सेंटर पहुंचे। जहाँ उन्होंने बच्चे को देखकर परिजनों से भी मुलाकात की।

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