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सुलतानपुर: चंद मिनटों में हुआ 35 करोड़ का नगरपालिका परिषद का बजट पास

सुलतानपुर: चंद मिनटों में हुआ 35 करोड़ का नगरपालिका परिषद का बजट पास
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सुल्तानपुर चंद मिनटों में लगभग 35 करोड़ का बजट पास हो गया। बिजली पानी सफाई के मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई बोर्ड की बैठक में पदेन सदस्यों की अनुपस्थिति रही फिर भी 35 करोड़ का बजट पास हो गया यह मामला कहीं और का नहीं यह मामला नगर पालिका परिषद परिषद का है जहां की अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी की वविता जयसवाल है कहा जाता है कि जब सैंया भए कोतवाल अब डर काहे का ऐसी कहावत को चरितार्थ कर रहा है। नगर पालिका बोर्ड की बैठक, बोर्ड की बैठक के बाद नगर पालिका में चर्चाएं आम थी इतिहास गवाह है कि जब नगर पालिका की बोर्ड की बैठक होती थी लगभग 4 घंटे 3 घंटे तक बैठक चलती थी जिसमें हर वार्डों के सभासदों द्वारा अपनी समस्याओं को उठाया जाता था लेकिन नगर पालिका परिषद के शनिवार की बैठक में कि यह ब सिर्फ सत्ता की हनक और बोर्ड की औपचारिकता पूरी की गई है।

बहरहाल इस मामले पर वही वार्ड नं 7 की सभासद मंजू सिंह ने बताया कि चंद मिनट में अध्यक्ष नगर पालिका बबीता जयसवाल की दबंगई के चलते लगभग 35 करोड़ का बजट पास करा लिया गया उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अध्यक्ष नगर पालिका ने लोगों को खरीद लिया है जिसके चलते बजट सेकंडों में पास हो गया उनका यह भी कहना है कि हम भी चुनाव जीत कर आए हुए हैं वार्ड की जनता ने हमें चुना है अगर बोर्ड जैसी बैठक में हमारी समस्याओं को नहीं सुना जाएगा और धनबल का उपयोग कर बोर्ड के कोरम को पूरा कर लिया जाएगा तो ऐसे बोर्ड की बैठक से क्या फायदा।

इसी क्रम में सभासद सज्जाद का भी कहना है कि नगर और वार्ड की सबसे बड़ी समस्या बिजली पानी, सफाई और विकास के मुद्दों पर बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका द्वारा नहीं सुना गया मनमाने ढंग से सेकंडों में लगभग 35 करोड़ का बजट पास करा लिया गया है।

नही मौजूद थे पदेन सदस्य

पालिका की हुई बोर्ड बैठक में न तो विधायक , न तो सांसद, न तो एम एल सी और न ही कोई मजिस्ट्रेट अधिकारी मौजूद रहा ।

बन्द कमरे और मीडिया को भी किया गया मना

नगर पालिका का बोर्ड की बैठक बन्द कमरे में किया गया और मीडिया को भी कब्रेज करने से मना कर दिया गया ।

विरोध दर्ज कराया सभासदों ने

पालिका के दो एजंडे के विरोध में सभासद अमोल वाजपई, अजय सिंह, सुधीर तिवारी, सज्जाद खां, मंजू सिंह ने अधिशासी नगर पालिका को शिकायती पत्र देकर एजंडे के विरोध दर्ज करा या है ।

एजंडे के विरोध में सभासदों ने दर्ज कराया शिकायत

बरहाल नगर पालिका परिषद के लगभग 6 सभासदों ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/सचिव नगर पालिका परिषद को शिकायती पत्र देकर अपना विरोध दर्ज करा दिया सभासदों ने पालिका प्रशासन के प्रथम एजेंडे पर सभासदों ने विरोध दर्ज कराया कि वर्ष 2018 19 में ग्रह कर अनुमानित आय का लक्ष्य ₹600000 रखा गया था जिसके सापेक्ष में फरवरी 2018 तक 4222667 रूपय पालिका के खाते में जमा हुए और जनवरी 2019 तक 3187298 .50 जमा हुआ इसलिए पालिका को 10 35369 की हानि हुई है जिसकी जिम्मेदारी अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को है।

सभासदों का यह भी विरोध है कि 2018 19 में 1664743 1,हुई थी, जबकि जनवरी 2019 तक 1 5174939 रुपए आय हुई है जो कि पिछले वित्तीय वर्ष से 1472492 रुपए कम है सभासदों का मांग है कि भ्रष्टाचार नीति टैक्सी स्टैंड का ठेका देने में की गई हीला हवाली के कारण हानि हुआ है जिसकी भरपाई अध्यक्ष के व्यक्तिगत कोष द्वारा कराई जानी चाहिए ,इसी क्रम में सभासदों ने विरोध दर्ज कराया है कि नगर पालिका द्वारा नवगठित बोर्ड अध्यक्ष द्वारा दुकान के संबंध में कोई सकारात्मक कार्य नहीं किया गया जिसे पिछले वर्ष की तुलना में पालिका को ₹2 लाख की आय में कमी दर्ज की गई है विरोध यह भी है कि अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन,सांसद निधि, में कम या कोई आय ना करा पाना पालिका प्रशासन की लापरवाही दर्शाता है पालिका प्रशासन व भ्रष्टाचार में लिप्त नगरपालिका की आय में काफी कमी आई है ,सभासदों ने विरोध या फिर दर्ज कराया है कि वित्तीय वर्ष दो हजार अट्ठारह उन्नीस में सफाई अधिष्ठान व सफाई उपकरण में 6 करोड़ 32 लाख 56 हजार743 ,4445033 रुपए मांह,फरवरी 2018 तक व्यय हुए थे जबकि इसी मद में माह जनवरी 2019 तक 6 करोड़ 10 लाख 91हजार582 ,5535467 खर्च किए गए जो कि आम जनमानस को उपलब्ध कराई गई सुविधा के साथ काफी अधिक हैं वही पालिका के मुख्य मार्ग प्रकाश, पेयजल,सफाई को एजेन्डे में स्थान नही दिया गया गाड़ियों की मरम्मत को बिना बोर्ड के सहमति के प्राइवेट एजेंसी से मरम्मत कराए जाना 50 लाख के घोटाले का परिचायक है।

पालिका प्रशासन द्वारा तीसरे एजंडे के विरोध में सभासदों ने विरोध दर्ज कराया है कि टेक्सी पार्किंग शुल्क के ठेके में अध्यक्ष द्वारा जानबूझकर लापरवाही बरती गई टैक्सी स्टैंड का ठेका बीते 3 1-3-2018 तक हो जाना था किंतु अध्यक्ष द्वारा जानबूझकर स्टैंड पहला टेंडर 16-4-2018 को निकाला गया था उसके बाद निकाले गए टेंडर प्रदर्शित नहीं कराया गया अंत में सभासदों की आपत्ति के बाद मजबूरन रखी गई 32250 रुपये प्रतिदिन की दर से स्वजातीय ठेकेदार को दर से कम ठेका दे दिया गया है जिसका सभासदों ने माननीय उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर किया हैबहरहाल विरोध किए सभासदों ने उक्त निम्न बिंदुओं पर अधिकारी नगर पालिका परिषद को शिकायती पत्र देकर अपना विरोध दर्ज करा दिया है देखना तो यह है कि अध्यक्ष अधिकारी नगर पालिका व जिला प्रशासन इस मामले पर क्या करता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा

पिछले बोर्ड के एजंडे का सभासदों द्वारा किये गए विरोध व शिकायतो के बाउजूद मामला ठंडे बस्ते में ही चला जायेगा।

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