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अपनी मांगों को लेकर श्रमिकों ने किया जोरदार प्रदर्शन, कई उपद्रवी गिरफ्तार
नोएडा। अपनी मांगों को लेकर श्रमिकों ने सड़कों पर उतर कर जोरदार प्रदर्शन किया। लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने भीड़ का फायदा उठा कर इस पूरे प्रदर्शन को हिंसक बना दिया। जिसकी वजह से करोड़ो का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। सूत्रों की माने तो करीब 500 से अधिक फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की गई और करीब 40 वाहन फूंके गए। इस घटना में 10 पुलिसकर्मियों सहित 30 से अधिक लोग घायल हुए। पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए 60 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया और करीब 200 लोगों से पूछताछ जारी हैं। वही साइबर टीम कुल सात व्हाट्सएप ग्रुप की जांच कर रही है, जिन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश की है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये हैं कि एक दिन पहले ही श्रमिकों की समस्यायों को लेकर एक बैठक जिले की डीएम व पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में की गयी थी। जिसमें श्रमिकों को आश्वस्त किया है कि उनके हितों की रक्षा के लिए सभी उचित कदम उठाए जाएंगे और शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद भी इतना बड़ा हंगामा होना
कही ना कही पुलिस की चूक की और इशारा करती हैं। इसके अलावा इस पूरे प्रकरण को जिले की सूचना तंत्र का फेलियर कहना ज्यादा अच्छा होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया हैं। इस समिति में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया हैं। इसमें श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधि और उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधि सदस्य के रुप में शामिल किये गए हैं ताकि दोनों पक्षों की बात निष्पक्षता से सुनी जा सके। समिति का मुख्य कार्य जिले में उत्पन्न औद्योगिक तनाव के कारणों का बारीकी से परीक्षण करना और स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद स्थापित कर समाधान निकालना है। समिति अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट (आख्या) जल्द ही शासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे के सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे और इस कदम से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के उद्यमियों और श्रमिकों के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस पूरे प्रकरण को लेकर आज ग्रेटर नोएडा में एक प्रेस वार्ता चल रही हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 40-45 हजार श्रमिकों द्वारा नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सड़कों पर एकत्र होकर लगभग 80 से अधिक स्थानों पर उत्पात व उपद्रव मचाया। जिस कारण कानून व्यवस्था की प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न हुयी। इस दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा सेक्टर-63 क्षेत्र के दौ स्थानों तथा मदरसन कंपनी परिसर के आसपास आगजनी की घटना कारित करते हुये हिंसक प्रदर्शन किया गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गयी। पुलिस बल द्वारा अत्यन्त सयंम दिखाते हुये स्थिति को नियत्रित करने का प्रयास किया गया लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा विभिन्न स्थानों पर समूह बनाकर यातायात बाधित करने एवं कानून-व्यवस्था को प्रभावित किया गया। पुलिस ने मौके पर
पहुंचकर अत्यंत संयम, धैर्य एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए भीड़ को नियंत्रित करने, समझाने तथा शांतिपूर्ण ढंग से हटाने के हरसंभव प्रयास किए गए तथा आगजनी की घटनाओं पर शीघ्र काबू पाया गया। इसके बावजूद कुछ अराजक तत्वों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर समूह बनाकर उत्पात मचाने की घटनाएं सामने आईं, जिन्हें पुलिस द्वारा सतर्कता एवं संयम के साथ नियंत्रित किया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस द्वारा न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आमजन की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई। पुलिस बल द्वारा अत्यंत धैर्य एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थिति को पूर्णतः नियंत्रित कर शांति एवं कानून-व्यवस्था बहाल की गई। वर्तमान में स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है तथा जनपद में शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस द्वारा संवेदनशील एवं घटनास्थलों की सतर्क निगरानी की जा रही है तथा उपद्रव में शामिल अराजक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में सात अभियोग पंजीकृत करते हुये कई असामाजिक तत्वों को हिरासत में लिया गया है।






