बिहार में क्यों बढ़ाया गया जातिगत जनगणना की अवधि, डिटेल खबर पढ़िए

Update: 2022-11-15 12:22 GMT

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कैबिनेट की मीटिंग बुलाई थी। मंत्रिपरिषद की मीटिंग में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी है। मद्य निषेध विभाग के तहत मोटर बोट, भाड़े पर रखे गए वाहनों के किराया, नए चेक पोस्ट निर्माण, मोबाइल हैंड स्कैनर एवं कॉल सेंटर का टोल फ्री नंबर, मद्य निषेध के प्रचार-प्रसार पर हुए व्यय के लिए 25 करोड़ आकस्मिकता निधि से दी गई है। इतना ही नहीं पटना, भोजपुर सारण एवं अन्य जिलों में अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए हाई स्पीड मोटर बोट, चेन एवं अन्य उपस्कर क्राय करने के लिए आकस्मिकता निधि से ₹5 करोड़ की अग्रिम की स्वीकृति दी गई है।

जातिगत जनगणना की अवधि बढ़ी

बिहार में जातिगत जनगणना की अवधि को बढ़ाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के एजेंडे को कैबिनेट ने पास कर दिया। जाति आधारित गणना का कार्य पूर्ण करने के लिए फरवरी 2023 की समय सीमा निर्धारित की गई थी। उसे बढ़ाते हुए मई 2023 किया गया है। इसके अलावा, बिहार जाति आधारित गणना 2022 के लिए APP व पोर्टल निर्माण के लिए परामर्शी के चयन पर अनुमानित खर्च ₹2 करोड़ 44 लाख 94 हजार 440 बेल्ट्रॉन को भुगतान करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

वहीं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत मुजफ्फरपुर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी एमआईटी मुजफ्फरपुर में बायो मेडिकल एवं रोबोटिक इंजीनियरिंग लोकनायक जयप्रकाश प्रौद्योगिकी संस्थान छपरा तथा कटिहार अभियंत्रण महाविद्यालय में फूड प्रोसेसिंग एवं प्रिजर्वेशन पाठ्यक्रम के लिए 12 अतिरिक्त शैक्षणिक पदों का सृजन किया गया है। इस तरह से तीनों संस्थान मिलाकर 36 शैक्षणिक पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।

कैबिनेट की बैठक के अहम फैसले

बिहार के सभी नगर निकायों में अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन योजना के कार्यान्वयन की प्रशासनिक स्वीकृति, राज्य स्तरीय उच्च शक्ति संचालन समिति एवं राज्य स्तरीय तकनीकी समिति के गठन की मंजूरी दी गई है। साथ ही केंद्रांश की राशि 26 सौ 20 करोड़ एवं इसके अनुपातिक राज्य का 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए परियोजना लागत का 75 परसेंट, 1 लाख से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों के लिए परियोजना लागत का दो तिहाई तथा एक लाख से कम आबादी वाले शहर के लिए परियोजना लागत का 50 परसेंट राशि के व्यय की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है।

इसके अलावा, पंचम केंद्रीय वेतनमान में वेतन, पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के सरकारी सेवकों, पेंशन भोगियों, पारिवारिक पेंशन भोगियों को 1 जुलाई 2022 के प्रभाव से 381 परसेंट के स्थान पर 396 परसेंट महंगाई भत्ता की स्वीकृति दी गई है। छठे केंद्रीय वेतनमान में वेतन पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य के सरकारी सेवकों पेंशन भोगियों पारिवारिक पेंशन भोगियों को 1 जुलाई 2022 के प्रभाव से 203 परसेंट के स्थान पर 212 परसेंट की दर से महंगाई भत्ता देने की स्वीकृति दी है।

उधर, खान एवं भूतत्व विभाग के अधीन खनन कार्यालयों में खान निरीक्षकों के कुल 104 पद स्वीकृत हैं। मुख्यालय में खान निरीक्षक का कोई पद स्वीकृत नहीं है। अवैध खनन भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने, बालू घाटों, पत्थर भूखंडों, ईट-भट्ठों की जांच, निरीक्षण तथा अवैध खनन एवं परिवहन के लिए मुख्यालय स्तर से निगरानी की आवश्यकता है। ऐसे में मुख्यालय स्तर पर खान निरीक्षकों के 4 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है.

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